जलवायु परिवर्तन पर हमारे प्रयासों को वैश्विक मान्यता : जावड़ेकर

नयी दिल्ली, 7 दिसंबर (एजेंसी) पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (यूएनएफसीसीसी) के पक्षकार देशों (कोप) की स्पेन में होने वाली 25वीं बैठक में भारत अपने दीर्घकालिक विकास हितों को सुरक्षित बनाने की सकारात्मक कार्ययोजना को पेश करेगा। जावड़ेकर ने स्पेन के मैड्रिड में आयोजित सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए रवाना होने से पहले कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में भारत के उल्लेखनीय प्रयासों को वैश्विक मान्यता मिली है और भारत इस दिशा में नेतृत्व वाली भूमिका में उभरकर सामने आया है। उल्लेखनीय है कि मैड्रिड में दो से 13 दिसंबर तक कोप 25 सम्मेलन का आयोजन किया गया है। सम्मेलन के अंतिम दौर में मंत्री स्तरीय बातचीत के दौरान सभी देश पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए किये जा रहे प्रयासों और भविष्य की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श करेंगे। जावड़ेकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सबसे पहले विश्व समुदाय के समक्ष अंतरराष्ट्रीय सोलर गठजोड़ और आपदा प्रबंधन के लिए देशों का समूह बनाने की पहल की है। उन्होंने कहा कि 450 गीगावाट अक्षय ऊर्जा उत्पादन करने के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये भारत के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ने विश्व समुदाय का ध्यान आकृष्ट किया है। यह विश्व का सबसे बड़ा अक्षय ऊर्जा कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि भारत ने न सिर्फ कार्बन उत्सर्जन में 22 प्रतिशत की कमी की है बल्कि वनक्षेत्र के अंदर और बाहर हरित क्षेत्र में बढ़ोतरी करने वाला भारत, दुनिया के चुनिंदा देशों में शुमार हुआ है। कोप 25 की बैठक में भी भारत विकसित देशों पर 2020 के पहले के अपने वादों को पूरा करने का दबाव बनाने पर जोर देगा। जिससे 2020 के बाद विकासशील देशों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ का सामना न करना पड़े।

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