अब बनाएंगे सारस का स्वदेशी इंजन

विजय मोहन/ट्रिन्यू चंडीगढ़, 15 जनवरी हल्के एयरक्राफ्ट सारस के लिए स्वदेशी इंजन बनाने की दिशा में वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के साथ हाथ मिलाया है। सीआईएसआर के महानिदेशक डॉ. शेखर सी मंदे ने यहां अपने दौरे के दौरान कहा, 'हम संयुक्त रूप से परियोजना को हाथ में लेंगे। एयरो इंजन का डिजाइन और विकास बहुत जटिल काम है, पावर प्लांट के अलावा भी सारस का बड़ा हिस्सा स्वदेशी होगा।' असल में डीआरडीओ 80 के दशक के मध्य से लाइट कांबैट एयरक्राफ्ट के लिए कावेरी इंजन को तैयार कर रहा है, लेकिन उसे सफलता नहीं मिल पाई। कुछ तकनीक और कुछ पार्ट्स की दिशा में आगे बढ़ते हुए इस दिशा में अभी कुछ समस्याएं हैं। बेशक भारत में कई तरह के एयरो इंजन का निर्माण हो रहा है, लेकिन स्वदेशी इंजन अभी पूरी तरह से विकसित नहीं किया जा सका है। इस दिशा में काम चल रहा है।

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