अधिकारों, कर्तव्यों के बीच संतुलन जरूरी : मोदी

नयी दिल्ली, 26 नवंबर (एजेंसी)

नयी दिल्ली में मंगलवार को संविधान दिवस के मौके पर स्मारक सिक्के जारी करते राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी मौजूद रहे।

संविधान दिवस के अवसर पर मंगलवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों का अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के पालन पर जोर देने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि हमें नागरिक के तौर पर अधिकारों एवं कर्तव्यों के बीच संतुलन बनाना होगा। संविधान को अंगीकार करने के 70 वर्ष पूरे होने के अवसर पर संसद के ऐतिहासिक केंद्रीय कक्ष में लोकसभा एवं राज्यसभा की संयुक्त बैठक को कोविंद, नायडू, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और मोदी ने संबोधित किया। कांग्रेस, शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, द्रमुक, राष्ट्रीय जनता दल और वाम दलों समेत विपक्षी दलों ने बैठक का बहिष्कार किया। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हमारे संविधान की मजबूती के कारण ही हम एक भारत-श्रेष्ठ भारत की तरफ आगे बढ़ पा रहे हैं। भारतीयों के लिए गरिमा और भारत की एकता, संविधान ने इन दो मंत्रों को साकार किया है।' देश के नव नागरिक और नेक नागरिक बनने का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अधिकारों और कर्तव्यों के बीच के रिश्ते और संतुलन को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने बखूबी समझा था। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने वैचारिक मतभेदों से ऊपर उठकर, संविधान-सम्मत प्रक्रियाओं का पालन करने को संवैधानिक नैतिकता का सार-तत्व बताया और कहा कि देश में हर प्रकार की परिस्थिति का सामना करने के लिए संविधान सम्मत रास्ते उपलब्ध हैं। इसलिए संविधान की मर्यादा, गरिमा और नैतिकता के अनुरूप काम करें। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने देश के नागरिकों का आह्वान किया कि यदि वे प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों को निभायें और राष्ट्रीय उद्देश्यों एवं संवैधानिक मूल्यों के प्रति संकल्पबद्ध रहें तो देश का तेजी से विकास हो सकता है और यह अधिक परिपक्व लोकतंत्र बन सकता है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, ‘संविधान में जहां एक तरफ मौलिक अधिकारों के रूप में हमें पर्याप्त स्वतंत्रता और शक्तियां दी गई हैं, वहीं दूसरी तरफ संतुलन बनाते हुए मौलिक कर्तव्यों का निर्देश करके हमें अनुशासित भी किया है।'

250 रुपये का सिक्का और डाक टिकट जारी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संविधान दिवस के अवसर पर 250 रुपये के स्मारक सिक्के और एक विशेष डाक टिकट जारी की। यह सिक्का 40 ग्राम वजनी और 44 मिलीमीटर परिधि का है। इसमें अशोक स्तंभ, संसद भवन के चित्रों के साथ ही गांधीजी की तस्वीर है और सत्यमेव जयते लिखा है। वहीं, डाक टिकट पर संसद के आर्किटेक्चर की जालीनुमा आकृतियां और संसद भवन का चित्र है। राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय युवा संसद योजना के पोर्टल और संसद भवन के पुस्तकालय में आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया। वहीं, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने ‘भारतीय संसदीय लोकतंत्र में राज्यसभा की भूमिका' नामक पुस्तक जारी की और इसकी पहली प्रति राष्ट्रपति कोविंद को भेंट की।

पहली बार कांग्रेस के प्रदर्शन में शिवसेना कांग्रेस की अगुवाई में कई विपक्षी दलों ने संविधान दिवस के अवसर पर संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक का बहिष्कार किया और संसद भवन परिसर में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया। महाराष्ट्र के मुद्दे पर हुए इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कई अन्य विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। यह पहला मौका है जब कांग्रेस द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन को शिवसेना का समर्थन मिला। नेताओं ने हाथों में बैनर ले रखा थे, जिस पर 'संकट में संविधान संकट' लिखा हुआ था।

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