ब्रह्माकुमारीज ब्रह्मांड का ज्ञान सुनाती हैं : शिवराज पाटिल

गुडग़ांव, 12 अक्तूबर (हप्र)। ब्रह्माकुमारीज द्वारा प्लैटिनम जुबली के उपलक्ष्य में ओम शांति रिट्रीट सैंटर बिलासपुर में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पंजाब एवं राजस्थान के महामहिम राज्यपाल  शिवराज पाटिल ने कहा कि हमें अपने विचारों की तरफ  ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जैसा सोचेंगे वैसा बनेंगे जो विश्व तक सोचेगा, उसका मन विश्व तक बनेगा,  जो अपने परिवार के लिए सोचेगा, उसका मन परिवार तक सीमित रहेगा और जो स्वार्थ के प्रति ही सोचेगा, वह तुच्छ बन जायेगा। ब्रह्माकुमारीज ब्रह्मांड का ज्ञान सुनाती हैं, जब हमारे विचार ब्रह्मांड व विश्व से संबंधित होंगे तो आपस में भाईचारा बनाना मुश्किल नहीं होगा।  हम अपने विचारों की शक्ति का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि आज मनुष्य विज्ञान की भाषा को तो समझ गया है परंतु अब उसे अध्यात्म की भाषा को  समझना होगा। अध्यात्म, प्रेम और एकता का अनुभव करने के लिए मेडिटेशन करना जरूरी है। विदेश से आए हुए भाई बहनों ने जो हिन्दी भाषा में सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किये उनकी भूरि भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि विदेशी भाई- बहनों ने यह सिद्ध कर दिया है कि परमात्मा एक है और विश्व एक परिवार है। मैं ब्रह्माकुमारीज के द्वारा किये जा रहे कार्य की सफलता की कामना करता हूं। राजयोगिनी दादी हृदयमोहिनी (अतिरिक्त संयुक्त प्रशासिका) ने  आशीर्वचन देते हुए कहा  कि स्वंय को भूलने के कारण ही आज विश्व में दुख व अशांति बढ़ती जा रही है।  इस जीवन को श्रेष्ठ बनाने के लिए यह जानना आवश्यक है कि मैं कौन हूं।  परमात्मा हमारे लिए स्वर्ग के सुखों की दुनिया लाए हैं और स्वर्ग बनाने की शुरुआत हमें स्वयं से करनी होगी। हम सभी को खुशी बांटे, यह बांटने से कम नहीं होती बल्कि खुशी बांटने से और भी बढ़ती है।

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