2 की बजाय हर महीने मिल सकते हैं हरियाणा में बिजली बिल

चंडीगढ़, 3 दिसंबर (ट्रिन्यू) हरियाणा में बिजली के बिल दो महीने की जगह मासिक करने पर विचार चल रहा है। अगर कोई तकनीकी दिक्कत नहीं आती है तो जल्द ही यह व्यवस्था शुरू हो सकती है। बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने इस बाबत विभाग के आला अधिकारियों को योजना बनाने को कहा है। सरकार की योजना अगर सिरे चढ़ती है तो न केवल उपभोक्ताओं की एक बड़ी समस्या का समाधान होगा बल्कि विभाग को भी इसका लाभ मिलेगा। हरियाणा में बिजली उपभोक्ताओं द्वारा लंबे समय से यह मांग की जा रही है कि उन्हें बिजली के बिल 2 महीने बाद भेजने की बजाय हर महीने भेजे जाएं। हालांकि प्रदेश सरकार द्वारा इस समय गुरुग्राम व पंचकूला आदि शहरों में चल रही आवासीय सोसायटियों में यह योजना चलाई जा रही है लेकिन घरेलू उपभोक्ताओं के लिए इसे लागू करने को लेकर मामला फंसा हुआ है। वर्तमान में सरकार की ओर से जिन सोसायटियों के लिए सिंगल मीटर योजना लागू की गई है, उसके अनुसार औसतन 100 से 200 घरों वाली एक सोसायटी को बिजली निगम द्वारा एक कनैक्शन अलाॅट किया गया है। आगे सोसायटी संचालक अस्थाई मीटर लगाकर बिजली वितरण कर रहे हैं। निगम द्वारा सोसायटी के नाम हर माह एक ही बिल भेजा जाता है। जिसकी अदायगी सोसायटी संचालक करते हैं और घरेलू उपभोक्ताओं से वसूल करते हैं। दूसरी तरफ हरियाणा के अन्य हिस्सों में इसे लागू करने पर विचार तो लंबे समय से चल रहा है, लेकिन धरातल पर कार्रवाई अब शुरू हुई है।

ढीले तार भी कसे जाएंगे हरियाणा में बिजली के टूटे, ढीले और नीचे गिरे हुए तार बदलने के लिए विभागीय अधिकारियों ने सरकार से 10 दिन का समय और मांगा है। प्रदेश में बिजली मंत्री बनने के बाद रणजीत चौटाला ने अधिकारियों को 15 दिन के भीतर घरों के ऊपर लटक रही तारें कसने, टूटी तारें बदलने और टेढ़े पोल ठीक करने के आदेश दिए थे। हर माह बिल देने में और कर्मचारी चाहिए होंगे विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अगर हर माह बिल दिए जाते हैं तो उसके लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की जरूरत होगी। इस योजना को लागू करने के लिए अधिकारियों का कहना है कि बिजली निगम में कई कर्मचारी ऐसे हैं, जिन्हें नियमित ड‍्यूटी नहीं मिलती है। वह वैकल्पिक दिवस पर ही काम करते हैं। ऐसे कर्मचारियों को वहां से फ्री करके मीटर रीडिंग के कार्य में लगाया जा सकता है। बिजली मंत्री रणजीत सिंह के साथ अधिकारियों की बैठक में यह मुद्दा उठ चुका है। सरकार की योजना अगर सिरे चढ़ती है तो इसे पहले चरण में शहरी तथा दूसरे चरण में ग्रामीण क्षेत्र में लागू किया जाएगा।

बिजली मंत्री बोले ''यह मांग लंबे समय से उठ रही है। मुझे फील्ड से भी इस बारे में जानकारी मिली थी। मैंने जब अधिकारियों की बैठक ली तो उसमें भी यह विषय उठा था। जिसके चलते अधिकारियों को इस योजना के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया है कि रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में मुख्यमंत्री से विचार-विमर्श करके कोई फैसला किया जाएगा। अगर योजना लागू होती है तो इससे उपभोक्ताओं तथा सरकार को लाभ मिलेगा।'' -रणजीत सिंह, बिजली मंत्री

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