हरियाणा के निवासी न हों परेशान खाद्य पदार्थों के हैं भरपूर भंडार

ट्रिब्यून न्यूज सर्विस चंडीगढ़, 24 मार्च केंद्रीय पूल में 15 फीसदी खाद्यान्न देने वाले हरियाणा में खाद्य पदार्थों की कोई कमी नहीं है और प्रदेश के खाद्यान्न भंडार पूरी तरह से भरे हुए हैं। कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते हरियाणा में खाद्य उत्पादों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वास्तविकता यह है कि प्रदेश के गोदाम गेहूं व चावल से भरे पड़े हैं। एक अप्रैल से प्रदेश में गेहूं की खरीद का नया सीजन भी शुरू होने जा रहा है। जिसके चलते अगले एक माह के भीतर प्रदेश की अनाज मंडियों में करीब 80 से 90 लाख टन गेहूं और पहुंच जाएगा। जिसके चलते प्रदेश सरकार ने कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन की स्थिति में अनाज की कालाबाजारी को रोकने के लिए सभी जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारियों को नियमित रूप से जांच करने के निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश के सभी जिला अधिकारियों को दैनिक रिपोर्ट चंडीगढ़ मुख्यालय में भेजने के निर्देश जारी किए गए हैं। हरियाणा में हर साल करीब 25 लाख हेक्टेयर में गेहूं और 14 लाख हेक्टेयर में धान की पैदावार होती है। प्रदेश में करीब 180 लाख टन खाद्यान्न का उत्पादन हर साल होता है। इसमें 120 से 30 लाख टन गेहूं और करीब 50 से 55 लाख टन धान का उत्पादन होता है। हैफेड चेयरमैन सुभाष चंद्र कत्याल के अनुसार आटा मिल में लगातार आटा बन रहा है, सरसों तेल की दोनों मिल चल रही हैं। सारा सामान बन रहा है किसी तरह की कमी नहीं है, आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रहेगी। कंट्रोल रूम बनाने के दिए आदेश खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के स्टेट मुख्यालय की ओर से आदेश दिए गए हैं कि जहां पर भी क्वारंटाइन एरिया घोषित किया गया है, वहां का जिला नियंत्रक अपने जिले के डीसी से तुरंत संपर्क स्थापित कर जिला नियंत्रक कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाएगा। यही नहीं जनता के लिए एक फोन नंबर भी जारी किया जाएगा, जहां आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता व उनके रेट के बारे में कोई शिकायत है तो आम आदमी सूचना दे सकता है।

"हरियाणा में खाद्यान के भंडार भरपूर हैं। किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। सभी जिलों से रोजाना का अपडेट लिया जा रहा है। चावल व गेहूं भारी मात्रा में है, अप्रैल में नया गेहूं भी मंडियों में पहुंच जाएगा। प्रदेश के लोगों को किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। सभी थोक्र विक्रेताओं से लगातार संपर्क बना हुआ है।" -पीके दास, एसीएस, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हरियाणा

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