वृद्ध, बाल सेवा आश्रमों से बच्चों को रूबरू करायेगा सीबीएसई

वृद्ध, बाल सेवा आश्रमों से बच्चों को रूबरू करायेगा सीबीएसई

नरेन्द्र ख्यालिया/निस हिसार, 16 नवंबर केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने संबद्ध स्कूलों के बच्चों को वृद्धाश्रमों, बाल सेवाश्रमों व अन्य सामाजिक संस्थानों से रूबरू कराने का निर्णय लिया है। उक्त निर्णय सीबीएसई द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती को वर्षभर मनाने के लिए किया गया है, जिसके तहत नवंबर माह से शुरू होकर अक्तूबर 2020 तक संबंधित स्कूलों के बच्चों द्वारा कार्यक्रम आयोजित करवाए जाएंगे। जिनमें शिक्षकों की विशेष सहभागिता होगी और हर महीने के अंत में कार्यक्रमों की रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय को भेजनी होगी। सीबीएसई ने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती को नंवबर 2019 से अक्तूबर 2020 तक पूरे एक वर्ष विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है, जिसमें स्कूली बच्चों को प्रत्येक माह अलग-अलग थीम पर काम करना होगा और इसके लिए सीबीएसई ने पूरे साल का थीम कैलेंडर भी जारी कर दिया है। थीम कैलेंडर के तहत स्कूलों को तैयारी करने के लिए कहा गया है, जिसमें क्लीनलीनेस ड्राइव को भी शामिल किया गया है। कार्यक्रमों के तहत शिक्षकों की सहभागिता को भी निश्चित किया गया है। जिसकी हर महिने के अंतिम दिनों में हर हाल में रिपोर्ट मुख्यालय को भेजनी होगी। आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य भारत भूषण शर्मा ने बताया कि गांधी जयंती पर वर्षभर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसके लिए सीबीएसई ने थीम अनुसार कैलेंडर जारी किया है, जिसकी पालना की जाएगी।

सीबीएसई द्वारा निर्धारित किए गए थीम कैलेंडर पर गौर किया जाए तो नवंबर माह में समाजसेवा थीम को शामिल किया गया है, जिसके अंतर्गत वृद्धाश्रमों, बाल सेवा आश्रमों, स्पेशल होम विजिट, स्वच्छता अभियान व वस्त्र वितरण को शामिल किया गया है। दिसंबर में हेल्थ एंड फिजिकल फिटनेस थीम के तहत जंंक फूड के विरोध में कैंपेन, पद यात्रा, सात्विक आहार व योग शामिल हैं। इसी प्रकार से जनवरी 2020 में एकता थीम के तहत प्रार्थना सभा, स्किट और नाटक का मंचन किया जाएगा, जबकि फरवरी थीम के अनुसार खादी पर जोर दिया गया है, जिसमें खादी काे प्रमोट किया जाएगा और स्वदेशी वस्तुओं के लिए एक्टिविटी करवाई जाएगी। कार्यक्रमों की कड़ी में मार्च में सच्चाई थीम पर निबंध, कविता प्रतियोगिताएं होंगी, जबकि शिक्षकों के व्याख्यान को शामिल किया गया है। अप्रैल में महिला सशक्तिकरण थीम पर स्किट आयोजन व शिक्षकों द्वारा कक्षाओं में वार्तालाप होगा और मई में लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित करवाई जाएंगी और बच्चों की लिखावट सुधारने पर जोर दिया जाएगा। जून में पशु-पक्षियों और पौधों के लिए प्रेम व विनम्रता थीम पर गतिविधियां आयोजित होंगी और पौधरोपण किया जाएगा, जबकि जुलाई में बाल संसद और मौलिक कर्तव्यों पर लेक्चर होंगे। अगस्त में छात्र श्रमदान, सितंबर में प्राकृतिक संरक्षण थीम के अंतर्गत स्कूली गार्डन में पौधे रोपे जाएंगे। जबकि जयंती कार्यक्रम के अंतिम महीने यानी अक्तूबर 2020 में महात्मा गांधी पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करवाए जाएंगे। इटली की तर्ज पर स्कूलों में दी जाए जलवायु शिक्षा : दुष्यंत चौटाला चंडीगढ़ (ट्रिन्यू) : हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि वर्तमान पर्यावरणीय परिदृश्य को देखते हुए इटली की तरह भारत की शिक्षा-नीति में जलवायु परिवर्तन से संबंधित पाठ्यक्रम शामिल किया जाना चाहिए ताकि देश की युवा पीढ़ी बढ़ते प्रदूषण के प्रति जागरूक हो सके। उन्होंने इस बारे में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक को पत्र लिखा है। चौटाला ने इस पत्र में कहा है कि हमारे देश समेत अन्य विकासशील देशों के सम्मुख जलवायु-परिवर्तन प्रमुख चुनौतियों में से एक है, जिसका हर नागरिक के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। राष्टï्रीय राजधानी क्षेत्र में वर्तमान स्थिति ने पूरे क्षेत्र को एक गैस चैंबर बना दिया। स्थिति इतनी चिंताजनक बन गई थी कि प्रधानमंत्री कार्यालय, सर्वोच्च न्यायालय और एनजीटी को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने कहा कि अब उचित समय है कि हमें जलवायु-परिवर्तन की इस गंभीर स्थिति का स्थायी समाधान खोजने के लिए सामूहिक प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवाश्म ईंधन का बड़े पैमाने पर प्रयोग करना और अस्थायी विकास के लिए वनों की कटाई किया जाना जलवायु परिवर्तन का मूल कारण है। पर्यावरण के नकारात्मक प्रभावों के बारे में जागरूकता की कमी के कारण इन मानवीय गतिविधियों को आमतौर पर बेतरतीब ढंग से किया जाता रहा है। ऐसे में जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर लोगों में जागरूकता लाने के लिए प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्चतर शिक्षा स्तर तक यह विषय पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी जलवायु और सतत विकास के महत्व को समझ सके। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने पत्र में आगे कहा है कि स्कूली पाठ्यक्रम में ‘क्लाइमेट चेंज एंड सस्टेनेबिलिटी क्लासेस’ विषय को अनिवार्य करने वाला इटली हाल ही में विश्व का पहला देश बन गया है। उन्होंने कहा कि हमारे देश की शिक्षा नीति में यह विषय पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि शिक्षा-नीति में इस तरह का कदम उठाया जाता है तो हमारा देश ‘सुरक्षित और स्वस्थ भारत’ बन जाएगा।

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