यमुना में खनन कंपनी ने बना रखा था अस्थाई बांध

पुरुषोत्तम शर्मा/हप्र सोनीपत, 22 मई

सोनीपत में शुक्रवार को डीसी और एसडीएम यमुना पर बाढ़ राहत कार्याें का निरीक्षण करते हुए। -हप्र

बाढ़ राहत के तहत यमुना का दौरा करने पहुंचे डीसी यमुना में बीचोंबीच बने बांध को देखकर हैरान रह गए। उन्होंने तुरंत खनन कंपनी और संबंधित अधिकारियों को तलब कर उनकी जमकर खिंचाई की। उन्होंने खनन कंपनी को निर्देश दिए गए कि तत्काल बांध को हटाया जाए। उन्होंने एसडीएम सोनीपत को कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। दरअसल, शुक्रवार को डीसी श्यामलाल पूनिया बाढ़ राहत कार्यों का निरीक्षण करने के लिए यमुना पर पहुंचे थे। इनके साथ एसडीएम आशुतोष राजन और सिंचाई विभाग के अधिकारी मौजूद थे। बताते हैं कि मिमारपुर में निरीक्षण के दौरान डीसी ने संज्ञान लिया कि यमुना के अंदर अवैध तरीके से एक बांध बनाया गया है। यह देखते ही उन्होंने मौके पर ही संबंधित कंपनी डीएसपी के कर्मियों को तलब किया। इन्हें आदेश दिए कि इस बांध को तुरंत प्रभाव हटाया जाए। उन्होंने एसडीएम आशुतोष राजन को निर्देश दिए कि इस संदर्भ में आवश्यक कागजी कार्रवाई कर बांध को हटवाना तय करें। इसके अलावा डीसी ने यमुना में स्नान करने पहुंचे युवकों की कार जब्त करा दी। मिमारपुर घाट पर कुछ युवकों को यमुना नदी में स्नान करते हुए देखा। इन्होंने अपनी कार भी अस्थाई बांध यमुना नदी के अंदर ही खड़ी कर रखी थी। उन्होंने गांवों के पक्के रास्ते से बेगा घाट की ओर जाते समय एक मिट्टी का ओवरलोड ट्रक जब्त कराया।

इलाके की होगी ड्रोन मैपिंग डीसी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सोनीपत की 41.74 किलोमीटर यमुना के सीमा क्षेत्र की ड्रोन मैपिंग कराई जाए। बेगा घाट से गांव दहिसरा की सीमा तक का यमुना नदी का क्षेत्र सोनीपत जिला में आता है। उन्होंने यमुना के बहाव और कटाव को मौके पर ही समझते हुए नई ठोकरों के निर्माण और पुरानी ठोकरों की मरम्मत पर विस्तार से चर्चा की। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि मिमारपुर में दो स्टड (ठोकरों) की मरम्मत की जाएगी। इस पर 8.46 लाख रुपए की लागत आएगी।

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