प्रदेश के 776 सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल बिना मुखिया के

छछरौली, 4 दिसंबर (निस)

चंडीगढ़ में बुधवार को शिक्षा मंत्री कंवर पाल से भेंट करते हसला के प्रतिनिधि। -निस

शिक्षा विभाग में शिक्षा में सुधार के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं लेकिन बहुत से स्कूल ऐसे हैं जिन्हें अपग्रेड हुए दो साल बीते चुके हैं लेकिन प्रदेश में प्रिंसिपल के 776 पद अभी तक खाली पड़े हैं। विभाग द्वारा 146 स्कूलों को प्रिंसिपल के लिए ओपन किया गया है। जिनके लिए 128 शिक्षकों को प्रमोट कर प्रिंसिपल बनाया गया है। लेकिन शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र के बहुत से स्कूल अभी भी बिना प्रिंसिपल के ही चल रहे हैं। पंचकूला, अम्बाला व कुरुक्षेत्र जिलों के स्कूलों के प्रिंसिपल पदों को अभी ओपन नहीं किया गया है। खिजराबाद, छछरौली, जगाधरी क्षेत्र के दर्जनों स्कूल ऐसे हैं जिन्हें अपग्रेड हुए दो-दो साल बीत चुके हैं। लेकिन स्कूलों में अभी तक प्रिंसिपल के पद रिक्त पड़े हैं। शिक्षा मंत्री के क्षेत्र के कलेसर, अराईयांवाला, लाकड़ स्कूलों में प्रिंसिपल की नियुक्ति ही नहीं हुई। इसी तरह घोड़ों पीपली, सलेमपुर कोही, रामपुर चोली, बिहटा रामपुर स्कूलों में भी प्रिंसिपल के पद रिक्त चल रहे हैं। नाचरौन, जमालपुर, घिलोर आदि 18 स्कूलों के पद अभी तक ओपन ही नहीं किए गए हैं। जगाधरी, छछरौली, खिजराबाद क्षेत्र के स्कूलों में प्रिंसिपल की जल्द नियुक्ति को लेकर शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री कंवर पाल से भेंट की। प्रतिनिधिमंडल में हसला के प्रदेश अध्यक्ष दयानंद दलाल, जिला प्रधान परमजीत संधू, पवन बटार, वेद प्रकाश, राजेंद्र धीमान, शमशेर, जसविंद्र सिंह आदि शामिल थे।

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