धरने पर बैठे किसान ने खाया जहर, पीजीआई में मौत

चरखी दादरी के रामनगर में चल रहे धरने में जहर खाने वाले किसान दलबीर (इनसेट) को अस्पताल ले जाते उसके साथी। बाद में उसने पीजीआई में दम तोड़ दिया। -निस

चरखी दादरी, 11 अगस्त (निस) ग्रीन कॉरिडोर 152 डी की अधिगृहीत जमीन का मुआवजा वृद्धि की मांग को लेकर 7 माह से धरनारत किसानों के सब्र का बांध टूट गया है। गांव रामनगर में धरनारत 50 वर्षीय किसान दलबीर उर्फ बिल्लू ने जहरीली गोली खा ली, जिसके चलते किसान की हालत बिगड़ गई। गोली खाकर किसान ने धरने पर ही हंगामा शुरू कर दिया। धरनारत किसानों ने गंभीर हालत में उसे उपचार के लिए दादरी के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां से डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। किसान ने इलाज के दौरान पीजीआई रोहतक में दम तोड़ दिया। शव को फिलहाल रोहतक पीजीआई में ही रखा गया है। मृतक किसान के परिजनों व धरनारत किसान कल बृहस्पतिवार को धरने पर फैसला लेंगे। किसानों का कहना है कि पीड़ित किसान अपनी जमीन जाने के डर से काफी समय से परेशान था। जिसके चलते आज सुबह करीब साढ़े 11 बजे धरने पर ही किसान ने जहरीली गोली खा ली थी। ग्रीन कॉरिडोर की अधिगृहीत जमीन का मुआवजा वृद्धि सहित कई मांगों को लेकर दादरी जिले के 17 गांवों के किसान पिछले 7 माह से लगातार धरनारत हैं। किसानों की मांग है कि उन्हें जमीन का नये कलेक्टर रेट निर्धारित करके प्रति एकड़ उचित मुआवजा दिया जाए। इस मामले को लेकर किसानों और सरकार के बीच कई दौर की वार्ता भी हुई थी। बावजूद इसके किसानों की मांगें पूरी नहीं हुई। पिछले 7 माह के दौरान धरनारत किसानों में दादरी जिले के तीन किसानों की मौत हो चुकी है। गांव दातौली निवासी 50 वर्षीय किसान दलबीर उर्फ बिल्लू प्रतिदिन की तरह आज भी गांव रामनगर में चल रहे किसानों के धरने पर पहुंचा था। सरकार गंभीर नहीं : सांगवान धरना कमेटी के अध्यक्ष अनूप खातीवास व विनोद मोड़ी ने बताया कि किसान दलबीर सिंह अपनी जमीन को लेकर काफी समय से परेशान चल रहा था। पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता सतपाल सांगवान ने कहा कि किसानों की मांगों को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। जिसके चलते लगातार किसान आत्महत्याएं कर रहे हैं।

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