गोहाना में बुटाना चौकी के एसपीओ, हवलदार की हत्या

जांच कार्य के लिए 8 टीमों का गठन, डीजीपी ने दोनों को दिया शहीद का दर्जा केसी अरोड़ा गोहाना, 30 जून बरोदा थाने की बुटाना चौकी के राइडर बाइक पर आधी रात को गश्त पर निकले 2 पुलिस कर्मचारियों की नृशंस हत्या कर दी गई। दोनों के खून से लथपथ शव चौकी के पास ही मिले। पहली नजर में माना जा रहा है कि दोनों की हत्याएं तेजधार हथियार से की गई हैं। शुरू में कहा जा रहा था कि एसपीओ कप्तान सिंह 5 और हवलदार रविंद्र को 4 गोलियां मारी गई थी, लेकिन मौके पर गोली का कोई खोल नहीं मिला। गोहाना पहुंचे डीजीपी मनोज यादव ने कहा कि पूरी स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी। डीजीपी मनोज यादव ने दोनों को शहीद का दर्जा दिया है। उन्होंने दावा किया कि इस ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी जल्द ही सुलझा ली जाएगी। पुलिस ने रोहतक के एडीजीपी और सोनीपत के एसपी के नेतृत्व में जांच के लिए 8 टीमों का गठन किया है। पुलिस कर्मचारी स्पेशल प्रोटेक्शन अधिकारी (एसपीओ) कप्तान सिंह (42) और हवलदार रविंद्र (30) जींद जिले के रहने वाले थे। सेना से रिटायर होने के बाद कप्तान सिंह एसपीओ भर्ती हुए था। कप्तान सिंह जींद के कलौती और हवलदार रविंद्र जींद के ही बुढ़ाखेड़ा गांव का रहने वाला था। यह चौकी गोहाना-जीन्द मार्ग पर स्थित है। एसपीओ कप्तान सिंह और हवलदार रविन्द्र की निर्मम हत्याओं का पता तब चला जब मंगलवार सुबह सड़क पर आवाजाही शुरू हुई। बुटाना पुलिस चौकी के निकट ही बंद पड़े हरियाली सेंटर के पास रक्तरंजित शव पड़े हुए थे। हवलदार रविंद्र का शव सड़क पर पड़ा था और एसपीओ कप्तान सिंह का शव सड़क के किनारे पर औंधे मुंह पड़ा था। पुलिस का कहना है कि दोनों कर्मचारी रात के 12 बजे और एक बजे के बीच राइडर बाइक पर गश्त करने के लिए निकले थे। रोहतक से एडीजीपी संदीप खिरवार, सोनीपत से एसपी जशनदीप सिंह रंधावा और गोहाना से एएसपी उदय सिंह मीणा मौके पर पहुंचे। डॉग स्कवॉयड और एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया। पुलिस के अफसरों ने दोनों शव पोस्टमॉर्टम के लिए सोनीपत के नागरिक अस्पताल में भिजवा दिए। पुलिस ने खोये 2 जाबांज जवान : डीजीपी मनोज यादव डीजीपी मनोज यादव भी मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए पूरी जानकारी हासिल करने के लिए खुद गोहाना पहुंच गए। डीजीपी मनोज यादव ने यह जरूर कहा कि पहली नजर में हत्याएं तेजधार हथियार से की गई हैं। उन्होंने कहा कि पूरी स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी। डीजीपी ने कहा कि उन्हें अपने दो जाबांज जवानों को खोने का व्यक्तिगत रूप से दुख है, लेकिन उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। उनकी पूरी हमदर्दी दिवंगत पुलिस कर्मचारियों के आश्रितों से है। उन्होंने कहा कि शहीदों के लिए निश्चित तमाम सुविधाएं उनके परिवारों के सदस्यों को भी मुहैया करवाई जाएंगी।

एसपीओ कपतान सिंह और कांस्टेबल रविंदर।

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