कल रेल रोकने को तैयार किसान, बनाई रणनीति

चरखी दादरी, 25 जून (निस)

चरखी दादरी के गांव रामनगर में मंगलवार को प्रदर्शन करते किसान। -निस

ग्रीन काॅरिडोर 152 डी की अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा वृद्धि को लेकर किसानों ने 27 जून को रेल रोकने की अंतिम रणनीति तैयार की है। तय समय में किसानों की मांग पूरी नहीं होती तो प्रदेश भर में 29 स्थानों पर रेल रोकी जाएगी। वहीं अगर किसानों के साथ ज्यादती हुई तो देशभर में 56 प्वाइंटों को चिन्हित करके रेल रोकने के लिए किसान संगठनों की जिम्मेदारियां लगाई गई हैं। किसानों का अल्टीमेटम है कि अगर जरूरत पड़ी तो हरियाणा बंद के साथ-साथ देशभर में किसान संगठनों का सबसे बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। नारनौल से गंगेहड़ी तक केंद्र सरकार द्वारा ग्रीन काॅरिडोर 152 डी का निर्माण करवाया जाना है। इसके लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी द्वारा जमीन अधिग्रहीत करते हुए मुआवजा के लिए अवार्ड भी घोषित किया जा चुका है। मुआवजा राशि कम होने के चलते चरखी दादरी व जींद के जुलाना में किसानों द्वारा अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है। इसमें दादरी जिले के 17 गांवों के किसान 26 फरवरी से गांव रामनगर में धरनारत हैं। किसानों ने सरकार पर अधिकारियों को बचाने व वादे से मुकरने का आरोप लगाते हुए कहा कि हम अपना उचित मुआवजा मांग रहे हैं, लेकिन अधिकारियों की कार्यशैली के चलते किसानों को नये कलेक्टर रेट निर्धारित करके मुआवजा देने के लिए कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की है। ऐसे में प्रशासन के इशारे पर सरकार द्वारा किसानों के साथ धोखा किया जा रहा है। धरने पर किसानों द्वारा 27 जून को प्रदेश के 29 प्वाइंटों पर रेल रोकने की अंतिम रणनीति तैयार करते हुए जिम्मेदारियां लगाई गई। धरने की अगुवाई कर रहे किसान नेता रमेश दलाल ने कहा कि 27 जून को रेल रोकने के लिए फाइनल रणनीति तैयार कर ली है। इस दौरान अगर किसानों के साथ ज्यादती हुई तो देशभर में 56 स्थानों पर किसान संगठनों द्वारा रेल रोक दी जाएगी। इस अवसर पर अनूप खातीवास, रामौतार रानीला, भूपेंद्र साहू, रामनिवास, राजकुमार, ओमप्रकाश, सतेंद्र, सोनू इत्यादि उपस्थित थे।

डीसी पर लगाया गड़बड़ी का आरोप जींंद (हप्र) : एनएच-152 डी के लिए अधिगृहीत की गई जमीन के मार्केट रेट पर मुआवजे को लेकर किला जफरगढ़ गांव में 3 माह से धरने दे रहे किसानों ने उपायुक्त पर गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए 27 जून से रेल रोकने का ऐलान किया है, जबकि उपायुक्त के हवाले से एक सरकारी प्रवक्ता ने दावा किया कि सरकार ने किसानों की मांग मंजूर कर ली है। इसकी विधिवत्त अधिसूचना शीघ्र जारी कर दी जाएगी। वहीं, किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे रमेश दलाल ने मंगलवार को कहा कि सरकार ने 12 जून को उपायुक्त को निर्देश दिए थे कि सुनवाई करके नए उचित मार्केट रेट तय कर के अवार्ड में संशोधन किया जाए। रमेश दलाल ने बताया कि उपायुक्त द्वारा उच्च अधिकारियों को निवेदन किया गया है की वह जिला राजस्व अधिकारी को अवार्ड में संशोधन करने के निर्देश दें। एक तरफ तो उपायुक्त जिला राजस्व अधिकारी को अवार्ड में संशोधन करने के निर्देश देने की बात कर रहे हैं, वही दूसरी तरफ उपायुक्त नए उचित मार्केट मूल्य निर्धारित करने की जिम्मेदारी से बच रहे हैं। अवार्ड में संशोधन नए मार्केट मूल्य निर्धारित करने के बाद ही किया जा सकता है इसलिए उपायुक्त पहले मार्कट मूल्य में सुधार करें तभी जिला राजस्व अधिकारी अवार्ड में संशोधन कर सकेगा। उन्होंने कहा कि इससे किसानों में भारी रोष है। 27 जून से पंजाब जाने वाली रेलों तथा दिल्ली-गुरुग्राम जाने वाली नहर को रोकने का अल्टीमेटम दिया है। इस दिन महिलाएं खुद रेलों को रोकने के लिए पटरियों पर बैठेंगी। वहीं, मंगलवार को फोन पर बातचीत करते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने उपायुक्त के हवाले से बताया कि सरकार ने किसानों की मांग को स्वीकृत कर लिया है, जिसकी अधिसूचना आजकल में जारी कर दी जाएगी। मुआवजा राशि किसानों के खाते में जाने के बाद ही सरकार एनएच का निर्माण कार्य शुरू करवायेगी।

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