एसडीएम की जगह एसआई कर सकेंगे जांच, वाहन जब्त की पॉवर

चंडीगढ़, 25 जून (ट्रिन्यू) हरियाणा सरकार ने गायों की सुरक्षा के लिए बनाए गए गौसंरक्षण एवं गौसंवर्द्धन कानून को और मजबूत कर दिया है। अब गायों और गौमांस की तस्करी करने वालों के साथ पुलिस सख्ती से निपट सकेगी। अभी तक गौवंश की तस्करी करने वाले वाहनों की चेकिंग की पावर केवल एसडीएम के पास थी, लेकिन अब हरियाणा पुलिस में सब-इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी भी इसकी जांच कर सकेंगे। यही नहीं, सब-इंस्पेक्टर के पास ऐसे वाहनों को जब्त करने के अधिकार भी होंगे। मंगलवार को सीएम मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कानून में संशोधन की मंजूरी दी गई। विधानसभा के आगामी मानसून त्र में संशोधन विधेयक भी सरकार पेश करेगी। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट तथा विभिन्न जिला अदालतों में सैकड़ों ऐसे मामले लंबित पड़े हैं, जिनमें सरकार मजबूती से पैरवी नहीं कर पा रही। पैरवी के अभाव में गोमांस का निर्यात तथा गायों की तस्करी करने वालों को सजा नहीं मिल पा रही है। अदालतों में सरकार ने मौजूदा कानून में बदलाव की बात कही है।

गौहत्या पर 10 साल कैद प्रदेश में गौमांस बेचने और खरीदने पर पाबंदी है। 2015 में विधानसभा में इसके लिए बाकायदा विधेयक पेश कर कानून बनाया गया था। कानून में गौ-हत्या के लिए 10 साल के सश्रम कारावास का प्रावधान है। इसके अलावा जुर्माना वसूलने का भी प्रावधान है।

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