27 राज्यों में एक भी मुस्लिम चुनाव नहीं जीता

नयी दिल्ली: मोदी लहर में देश का राजनीतिक नक्शा ऐसा बदला है कि उत्तर प्रदेश सहित 27 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में से एक भी मुस्लिम उम्मीदवार लोकसभा नहीं पहुंच सका। आजादी के बाद यह पहला आम चुनाव हैं,जब लोकसभा में सबसे ज्यादा 80 सांसद भेजने वाले उत्तर प्रदेश से एक भी मुसलमान संसद नही पहुंचा। जबकि इस राज्य की कुल आबादी में इस समुदाय का हिस्सा 18 फीसदी है। (लोकसभा में स्पष्ट बहुमत हासिल करने वाली भारतीय जनता पार्टी में एक भी इस समुदाय का सांसद नहीं है। भाजपा ने अपने प्रवक्ता शहनाज हुसैन को बिहार के भागलपुर से टिकट दिया था लेकिन वह चुनाव हार गये।) मुस्लिम राजनीतिक पर्यवेक्षक इस स्थिति से चितित हैं क्योंकि वह इसे बहुसंख्यक ध्रुवीकरण के रूप में देखते हैं। उनका मानना है कि सक्षम मुस्लिम नेतृत्व का अभाव भी एक कारण है कि मुसलमान इस बार अलग थलग पडा दिखाई दिया। उनका कहना है कि यह सही है कि 2002 के बाद गुजरात में कोई दंगा नहीं हुआ लेकिन अभी भी आम मुसलमान खौफजदा है लेकिन मोदी के आश्वासन से उन्हें उम्मीदें भी हैं। (एजेंसी)

बड़े अंतर से जीतने वाले दिग्गज

  • नरेंद्र मोदी-5.70 लाख (वडोडरा, गुजरात)
  • वीके सिंह -5.66 लाख
  • सीआर पाटिल-5.58 लाख
  • राम चरन बोहरा-5.39 लाख (जयपुर, राजस्थान)
  • दसरशन विक्रम जरदोश-5.33 लाख
  • लाल कृष्ण आडवाणी-4.83 लाख,
  • भोला सिंह-4.21 लाख
  • सुषमा स्वराज-4.10 लाख (विदिशा, मध्य प्रदेश)

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