हिमाचल में कल से थम जाएंगे राष्ट्रीय एंबुलेंस सेवा-108 के पहिये!

  • कंपनी ने किया सेवा बंद करने का फैसला, 1135 कर्मियों को निकालने का नोटिस
  • पैसा न मिलने, बढ़ते घाटे और सरकार के साथ कई मुद्दों का समाधान न होने पर उठाया कदम
ज्ञान ठाकुर/निस शिमला, 14 जुलाई हिमाचल प्रदेश में कल 15 जुलाई से राष्ट्रीय एंबुलेंस सेवा के पहिये थम जाएंगे। कोरोना महामारी के बीच हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय एंबुलेंस सेवाएं 108 का संचालन कर रही कंपनी जीकेवी ईएमआरआई ने 15 जुलाई से प्रदेश में एंबुलेंस सेवाएं बंद करने का फैसला किया है। यही नहीं कंपनी ने अपने 1135 कर्मचारियों को नौकरी से निष्कासित करने का नोटिस भी थमा दिया है। इनमें 568 ड्राइवर, 464 एमरजेंसी मेडिकल टेक्निशियन, 46 स्पोर्ट स्टाफ और 29 कॉल सेंटर कर्मचारी शामिल हैं। कंपनी ने ये फैसला प्रदेश सरकार के समय पर पैसा न मिलने, कंपनी के बढ़ते घाटे और सरकार के साथ चल रहे कई मुद्दों का समाधान न होने के दृष्टिगत लिया है। हिमाचल प्रदेश 108 राष्ट्रीय एंबुलेंस सेवा 26 दिसंबर, 2010 को आरंभ हुई थी। इसके बाद प्रदेश सरकार ने इसी कंपनी जीकेवी ईएमआरआई के सहयोग से 14 नवंबर, 2014 को प्रदेश में विशेष तौर पर गर्भवती महिलाओं के लिए 102 एंबुलेंस सेवा आरंभ की थी। ये कंपनी इस समय प्रदेश की 70 लाख से अधिक की आबादी को रोगी वाहन सेवा उपलब्ध करवा रही है और अभी तक 1380848 एमरजेंसी को अटैंड कर चुकी है। बीमार लोगों के लिए सबसे बड़ा सहारा इस बीच जीकेवी कंपनी द्वारा कल 15 जुलाई से प्रदेश में रोगी वाहन सेवा बंद कर देने के ऐलान के दृष्टिगत प्रदेश के लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। प्रदेश में कोरोना काल में ये रोगी वाहन सेवा बीमार लोगों के लिए सबसे बड़ा सहारा है और कोरोना पीड़ित मरीजों को इसी 108 एंबुलेंस सेवा के माध्यम से कोविड केयर सेंटर तक पहुंचाया जा रहा है। कंपनी ने अपनी सेवाएं बंद करने की विधिवत सूचना प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को जून में ही दे दी थी। जीकेवी कंपनी इस समय प्रदेश में 400 से अधिक एम्बुलेंस के माध्यम से लोगों की सेवाएं दे रही है।

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