हिंदी में सुनहरा भविष्य

बीते कुछ सालों में देश में क्षेत्रीय भाषाओं का वर्चस्व बढ़ा है। ऐसे में हिन्दी ने भी अपना पुराना स्वरूप बरकरार रखते हुए बाज़ारीकरण के दौर में लोगों के बीच अपनी पैठ बनाकर रखी है। शैक्षणिक स्तर पर हिन्दी को चुनने वाले लोगों के लिये तो ज़ॉब के मौके है हीं साथ ही कई निजी क्षेत्रों ने हिन्दी के लिये द्वार खोले हैं। पब्लिकेशन हाउसेज़ में मौके साहित्य की नज़र से देखें तो रोज़ाना कई किताबें प्रकाशित होती हैं। इन किताबों में से बहुत सी बड़े पैमाने पर लॉन्च भी की जाती है। इनके लिये जो रचनायें चुनी जाती हैं, उनमें हिन्दी भाषा का ज्ञान रखने वाले लोगों को ही तरजीह मिलती है। इसके अलावा प्रूफ रीडिंग में भी ढेरों मौके हैं। कॉपी राइटर हिंदी भाषा के कॉपी राइटर के लिए विज्ञापन इंडस्ट्री से लेकर रेडियो एवं पत्रिकाओं तक में मौके मौजूद हैं। कॉपी राइटर का मुख्य काम विज्ञापन, रेडियो एवं टीवी के लिए स्क्रिप्ट, जिंगल, स्लोगन, पंचलाइन लिखना होता है। ऑनलाइन के क्षेत्र में कॉपीराइटिंग की जॉब के लिये खूब मौके हैं। सरकारी नौकरी राजभाषा अधिकारी का नाम तो सुना ही होगा। दरअसल सरकारी संस्थानों एवं मंत्रालयों में यह पद होता है। सरकारी बैंकों, बीमा कंपनियों में राजभाषा अधिकारी की नियुक्ति की जाती है। इस पद के लिये हिंदी में पोस्ट ग्रेजुएशन, साथ में ग्रेजुएशन स्तर पर एक विषय के तौर पर अंग्रेजी की पढ़ाई या संस्कृत के साथ पोस्ट ग्रेजुएशन और ग्रेजुएशन स्तर पर हिंदी और अंग्रेजी की पढ़ाई करनेवाले अभ्यर्थी राजभाषा अधिकारी के तौर पर भविष्य बना सकते हैं। अगर ट्रांसलेशन में रुचि है तो कई सरकारी विभागों या संस्थानों में हिंदी अनुवादक के पद होते हैं, वहां भी मौका मिल सकता है। आगे चलकर अनुभव के मुताबिक पदोन्नति के मौके भी मिलते हैं। अनुवादक को सहायक निदेशक, उपनिदेशक और निदेशक के रूप में पदोन्नति का मौका मिलता है। हिंदी साहित्य से स्नातक करने के बाद आप यूपीएससी और पीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल हो सकते हैं। शिक्षक बनना चुनें हिंदी साहित्य से बीए, एमए एवं पीएचडी कर अकादमिक क्षेत्र में आगे बढ़ने का विकल्प है। बीए के बाद बीएड कर स्कूल शिक्षक के तौर पर करियर बना सकते हैं। लेखन में आज़माएं भाग्य अगर कल्पनाशील हैं, अच्छा लिखते भी हैं और भाषा का सही नॉलेज भी है तो लेखन आपके लिए बेहतरीन करियर है। लेखन महसूस किये हुए को शब्दों में बयां करने की कला है। इस करियर में प्रवेश के लिए किसी कोर्स या डिग्री की ज़रूरत नहीं है। इसका आधार है भाषा का अच्छा ज्ञान, लिखने की उम्दा कला और दूसरों की भावनाओं को महसूस करने की क्षमता और समझ। ऐसे में स्किप्ट राइटिंग, कहानी लेखन, कविता लेखन, के साथ समाचार पत्रों, साहित्यिक पत्रिकाओं में शुरूआत कर सकते हैं। किसी पत्रिका के लिए काम कर सकते हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म तो है ही, ब्लॉगिंग और वेबसाट से अच्छी आमदनी हो जाती है।

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