सुरक्षा कवच के साथ छोटी कंपनियों में निवेश

आलोक पुराणिक

छोटे कारोबारों में निवेश जोखिम का काम है। यह बात समझने के लिए अर्थशास्त्री होना जरूरी नहीं है। आसपास से यह बात समझी जा सकती है। गरमी में कोई ठेले वाला जूस बेचने लगता है वहीं सर्दियों में गाजर का हलुवा बनाकर बेचता है। हो सकता है कि वह दोनों धंधों में ठीकठाक कमाता है, पर एक दिन पता लग सकता है कि वह अपने ठेले समेत गायब है। जिसने ठेले में रकम लगायी, वह डूब गयी। कुल मिलाकर छोटे कारोबारों में निवेश एक लाभदायक काम तो हो सकता है, पर बहुत ही जोखिम वाला काम भी है। इसलिए आम तौर पर निवेशकों को हिदायत दी जाती है कि वे छोटी कंपनियों के शेयरों में सीधे निवेश ना करें। छोटी कंपनियां लाभदायक हो सकती हैं, यह अच्छी बात है। पर जो अच्छी बात नहीं है, वह यह है कि छोटी कंपनियों के प्रबंधन की गुणवत्ता को लेकर हमेशा शक बने रहते हैं। छोटी कंपनियां आमतौर पर परिवार संचालित होती हैं। परिवार संचालित होना बुरा नहीं है, अगर प्रोफेशनल प्रबंधन के सहारे कंपनियों को चलाया जाये। पर प्रोफेशनल प्रबंधन से रहित परिवार संचालित कंपनियां कई बार बहुत मुनाफे वाली दिखायी पड़ सकती हैं, पर अंतत: उसमें पैसा डूब ही जाता है। इसलिए मोटे तौर पर माना जाना चाहिए के शेयर बाजार में कंपनियों के शेयरों में निवेश जोखिम वाला काम है और छोटी कंपनियों के शेयरों में निवेश तो बहुत ही जोखिम वाला काम है। पर छोटी कंपनियों में निवेश कई मामलों में बहुत रिटर्न वाला काम भी होता है। इसलिए निवेश मूलत: जोखिम और रिटर्न के सही संतुलन का ही कारोबार है। जो इस संतुलन को साध लेता है, वह रिटर्न कमा लेता है। जो संतुलन नहीं साध पाता, वह रिटर्न तो दूर, अपनी पूंजी तक गंवा देता है। छोटी कंपनियों के शेयरों में निवेश से पैसा कमाने की इच्छा करने वालों को हमेशा म्यूचुअल फंड की ऐसी योजनाओं के जरिये ही छोटी कंपनियों में निवेश करना चाहिए, जो योजनाएं छोटी कंपनियों पर निवेश पर ही फोकस करती हों। ऐसी एक म्यूचुअल फंड योजना है- एक्सिस स्माल कैप फंड । एक्सिस म्यूचुअल फंड की योजना है यह। एक्सिस स्माल कैप फंड का निवेश छोटी कंपनियों में ही होता है। ऐसी-ऐसी छोटी कंपनियां, जिनके नाम से भी अधिकांश निवेशक वाकिफ न होते। 5 दिसंबर 2019 को इस फंड का रिटर्न एक महीने के हिसाब से देखें तो नकारात्मक रहा है यानी .13 प्रतिशत पर। इस नकारात्मक रिटर्न की वजहें हैं। हाल में स्टाक बाजार में जो प्रवृत्तियां देखने में आयी हैं, उनमें बड़ी कंपनियों के शेयरों के भावों में तेजी देखी गयी है और छोटी कंपनियों के शेयर भाव गिरे हैं। ऐसी सूरत में छोटी कंपनियों में निवेश करने वाली योजनाओं के भाव भी कम हुए हैं। पर म्यूचुअल फंड के निवेश एक महीने या एक साल के नहीं होते। इनमें निवेश दीर्घकाल के लिए होते हैं। वो आंकड़े देखें तो साफ होता है कि 5 दिसंबर 2019 को 3 सालों के हिसाब से इस फंड के रिटर्न 13.92 प्रतिशत सालाना रहे हैं । यह रिटर्न बहुत शानदार माना जा सकता है। 5 साल का हिसाब किताब फैलायें तो रिटर्न 11.23 प्रतिशत सालाना का बनता है। यह रिटर्न भी बेहतरीन माना जा सकता है। एक्सिस स्माल कैप फंड के पास 31 अक्तूबर 2019 को जो शेयरधारिता थी, उसमें 6.60 प्रतिशत सिटी यूनियन बैंक में थी। सिटी यूनियन बैंक दक्षिण भारत का एक पुराना छोटा और बढ़िया कारोबार करने वाला बैंक है। बड़े बैंकों के काम के बावजूद सिटी यूनियन बैंक ने अपने कारोबार को मजबूत बनाये रखा है। एक्सिस स्माल कैप फंड की शेयरधारिता का 6.04 प्रतिशत हिस्सा गैलेक्सी सरफेक्टेंट्स में है। यह कंपनी विशिष्ट रसायन के कारोबार में है। एक्सिस स्माल कैप फंड का 6.04 प्रतिशत हिस्सा एनआईआईटी टेक्नोलोजीस में है, यह तकनीकी कारोबार की महत्वपूर्ण कंपनी है। कुल मिलाकर यह समझा जाना चाहिए कि गैलेक्सी सरफेक्टेंट्स जैसी छोटी कंपनियां कितनी मजबूत या कितनी कमजोर हैं, इसका अंदाजा लगाना आम छोटे निवेशक के लिए बहुत मुश्किल काम है। आम छोटा निवेशक भले ही निवेश की समझ विकसित कर ले पर उसके पास वो सारे संसाधन ना होते, जो एक म्यूचुअल फंड के पास होते हैं। म्यूचुअल फंड के पास संसाधन होते हैं, औजार होते हैं जिनके जरिये छोटी कंपनियों की गुणवत्ता के बारे में विश्लेषण करना आसान हो जाता है। इसलिए छोटी कंपनियों में निवेश का सही जरिया म्यूचुअल फंड योजनाएं ही हैं। गैलैक्सी सरफेक्टेंट्स या दूसरी छोटी कंपनियों के बारे में किसी म्यूचुअल फंड के विश्लेषण पर भरोसा किया जाये या नहीं है, यही सवाल जोखिम भरा है। जोखिम उठाकर उत्सुक निवेशक अपने निवेश योग्य संसाधनों का एक हिस्सा एक्सिस स्माल कैप में लगा सकते हैं। इसलिए निवेशक निवेश करने से पहले अपना अध्ययन करें या किसी वित्तीय सलाहकार की सलाह लें।

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