सुडोकू से बढ़ाएं बच्चों की एकाग्रता

पेरेंटिंग

शिखर चंद जैन कई शोधों के नतीजे बताते हैं कि मस्तिष्क को नई, चुनौतीपूर्ण एवं उद्दीपन गतिविधियों से कुरेदते रहने पर वह ‘शार्प’ होता है। इसलिए व्यक्ति को सुडोकू, काकुरो, निनटेंडो, मोनोपोली, जिगसॉ जैसी पजल्स के साथ-साथ वर्ग पहेली या क्रॉस वर्ड्स भी हल करनी चाहिए। मुंबई के न्यूरोसर्जन डॉ. मिलिन्द वैद्य संख्याओं वाले ब्रेन गेम (जैसे सुडोकू) खेलने की राय देते हैं। न्यूरोलॉजिस्ट एवं मेमोरी डिसऑर्डर के विशेषज्ञ डॉ. रोनाल्ड पीटरसन कहते हैं, ‘नींद की कमी, स्ट्रैस एवं खानपान की गलत आदतों से मस्तिष्क की कार्यक्षमता पर बुरा असर पड़ता है। ब्रेन मसल्स को फ्लेक्स करके इन्हें रिवर्स किया जा सकता है। इसके लिए वेट लिफ्टिंग करने की ज़रूरत नहीं, क्लास लेना, पढ़ना और कोई भी ऐसा काम करना जिसमें दिमाग की सक्रिय हिस्सेदारी हो आदि करना ही फायदेमंद रहता है। बढ़ेगा अक्षरज्ञान विभिन्न पजल गेम्स में बच्चों को अलग-अलग तरह की आकृतियां, अक्षर, चित्र, रंग, पशु-पक्षी आदि देखने को मिलते हैं। इससे बच्चे नई चीजें सीखते और समझते हैं। इससे उन्हें अपने आसपास की दुनिया में मौजूद चीजों का ज्ञान होता है। प्रॉब्लम सोल्विंग पजल सोल्व करने के लिए बच्चों को धैर्य की जरूरत होती है। इससे वे समस्याओं का समाधान करने की कला सीखते हैं। समस्याओं के समाधान के लिए जिस चिंतन, मनन और कौशल की जरूरत होती है, वह बच्चा पजल्स के माध्यम से सीख सकता है। सार संभाल जिन पजल्स में कई छोटे-छोटे टुकड़ों को जोड़कर आकृति बनानी होती है, उनसे बच्चे में छोटी चीजों को हैंडल करने औऱ उन्हें संभालकर रखने का गुण आता है। इससे बच्चा बड़ा होकर अपनी चीजें को भी संभालकर रखना सीखता है। हाथों-आंखों में बनेगा संतुलन किसी भी पजल को सोल्व करने में बच्चे को पूरी एकाग्रता से काम करना पड़ता है। इस प्रक्रिया में उसे अपने हाथों औऱ आंखों में समुचित संतुलन भी बनाकर रखना होता है। यह अभ्यास बच्चे के जीवन में सकारात्मक असर डालता है। बढ़ेगी मेमोरी पजल खेलते वक्त बच्चे को दिमाग खूब खपाना पड़ता है जिससे उसके दिमाग की अच्छी कसरत हो जाती है। दिमाग की कसरत होते रहने से मसल्स का लचीलापन बढ़ता है औऱ स्मरणशक्ति बढ़ती है। दुनिया भर के मनोवैज्ञानिकों ने स्मरण शक्ति बढ़ाने के कई उपायों में से एक पहेली और पजल्स सोल्व करना भी बताया है।

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