सहयोगियों की कार्यक्षमता को समझें

याद रही जो सीख

रेणु खंतवाल हमारे ऑफिस में काम करने वाले लोग बहुत खुश रहते थे। किसी को बॉस से कोई शिकायत नहीं थी, सिवाए तनख्वाह कम होने के। काम का माहौल बहुत अच्छा था। सभी लोग अपने वर्क प्रोफाइल से भी खुश थे। जिस बिल्डिंग में हमारा ऑफिस था, उसमें और भी कई ऑफिस थे। हमारा अपने आसपास के ऑफिस के लोगों से अच्छा परिचय था। अक्सर लोग हैरान होते थे कि तुम्हारा ऑफिस कितना कूल कैसे है। सभी लोग हमेशा खुश नज़र आते हैं। देर तक ऑफिस में कई बार काम भी करते हैं लेकिन आमतौर पर जैसे बाकी ऑफिसों में लोग अपने ऑफिस की बुराइयां करते रहते थे, वो माहौल हमारे यहां नहीं था। स्वाभाविक है इस माहौल से हमारे जीवन में भी शांति थी। मैं भी कई बार यह सोचती थी कि सच में हमारा ऑफिस इतना कूल है जबकि बाकी आसपास के ऑफिसों में कोई न कोई इशू है। हमारा मुख्य कार्यालय दिल्ली से बाहर था और हमारे बॉस समय-समय पर दिल्ली ऑफिस में विजिट किया करते थे। एक बार मैंने एक बहुत अच्छा प्रोजेक्ट पूरा कर दिखाया। तब हमारे बॉस ने मुझे कहा कि लोग मुझसे कहते हैं कि आप सभी काम डेड लाइन से पहले ही कैसे कर पाते हैं? लोगों को मैं कहता हूं कि बस हो जाता है अपने आप। लेकिन सच यह है कि मैं अपने सभी कर्मचारियों को, उनकी कार्यक्षमता को बहुत अच्छी तरह जानता हूं। कौन किस काम को ज्यादा बेहतर तरीके से कर सकता है, उसकी जानकारी है मुझे। जैसे कौन नेट सर्च करने में माहिर है। कौन अनुवाद अच्छा करता है। किसके सोर्स अच्छे हैं। किसकी राइटिंग स्किल अच्छी है। कौन एडिटिंग अच्छी करता है। मैं हर किसी को उसकी पसंद का काम पकड़ा देता हूं। इससे मेरे सभी सहयोगी अपनी क्षमता से बढ़कर काम करके देते हैं। मन लगाकर काम करते हैं। काम को बोझ नहीं समझते। उनकी इन बातों को सुनकर मैं समझ गई कि हमारे ऑफिस के लोग कम तनख्वाह के बावजूद इतने खुश क्यों हैं। कुछ साल बाद जब मुझे खुद अपने ऑफिस का इंचार्ज बनने का मौका मिला तो मैंने इस सीख को अपनाया। और मुझसे भी मेरे साथ काम करने वाले मेरे सहयोगी बहुत खुश रहते थे। यह सीख हर उस इनसान के लिए है जो अपना ऑफिस चला रहा है क्योंकि यह एक सच है कि हर इनसान अपने अंदर अलग-अलग खूबियां समेटे हुए है। अलग-अलग कार्यक्षमता रखता है। इसलिए एक की तुलना दूसरे से नहीं की जानी चाहिए। बल्कि एक अच्छे बॉस की तरह जरूरी है कि अपने कर्मचारियों को समझें और उनसे उनकी पसंद और क्षमतानुसार काम लें।

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