विश्वविद्यालय में अब भी प्रदर्शनकारी मौजूद

हांगकांग में मंगलवार को पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण के लिए विश्वविद्यालय से बाहर आते प्रदर्शनकारी। -रा.

हांगकांग, 19 नवंबर (एजेंसी) सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कम से कम 100 प्रदर्शनकारी मंगलवार को भी हांगकांग विश्वविद्यालय में मौजूद थे। शहर की नेता कैरी लैम ने कहा कि 600 लोग हांगकांग पॉलिटेक्निक परिसर से जा चुके हैं, जिनमें 18 साल से कम आयुवर्ग वाले 200 लोग शामिल हैं। पुलिस ने विश्वविद्यालय को चारों तरफ से घेर रखा है और जो भी बाहर निकलता है उसे वे गिरफ्तार कर रहे हैं। लैम ने कहा कि जो 18 साल से कम आयु के हैं उन्हें तत्काल गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, लेकिन बाद में उन्हें आरोपों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि बाकी 400 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। सलाहकारों के साथ साप्ताहिक बैठक के बाद उन्होंने कहा कि वह विश्वविद्यालय परिसर में मौजूद बाकी प्रदर्शनकारियों को बाहर आने के लिए मनाने की हर तरह की कोशिश करेंगी ताकि जितनी जल्दी हो सके इस पूरे अभियान को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त कराया जा सके। हांगकांग में प्रदर्शन शुरु हुए पांच महीने हो चुके हैं और विश्वविद्यालय इन प्रदर्शनों का रणक्षेत्र बन रहे हैं। फैसला करने का अधिकार सिर्फ हमें : चीन

कैरी लैम।

बीजिंग : चीन ने मंगलवार को कहा कि हांगकांग के संवैधानिक मामलों पर फैसला सुनाने का अधिकार सिर्फ उसे है। लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों के नकाब पहनने पर लगे प्रतिबंध के फैसले को शहर के उच्च न्यायालय द्वारा पलटने के बाद चीन ने उसकी निंदा करते हुए यह बयान दिया। ‘नेशनल पीपुल्स कांग्रेस’ के प्रवक्ता जैंग तिवेई ने कहा कि केवल विधायिका को यह तय करने का अधिकार है कि कोई भी कानून-शहर के लघु संविधान- के अनुरूप है या नहीं। ‘किसी भी अन्य संस्थान को इस संबंध में फैसला करने का अधिकार नहीं है।’ इस बयान से कई महीनों से हिंसक प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं की चिंता बढ़ गई है। नकाब पर प्रतिबंध अक्तूबर महीने में लगाया गया था। यह फैसला लेने के लिए चीन समर्थक नेता ने 5 दशक से भी ज्यादा समय में पहली बार उपनिवेश कालीन एक कानून का इस्तेमाल किया था।

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