रोहतक : छोटे-छोटे कमरों में कई-कई लोग

अनिल शर्मा शिक्षा व खेल क्षेत्र का हब माने जाने वाले रोहतक शहर में करीब 500 पीजी हैं। इनमें लड़कियों के पीजी अलग से बने हुए हैं। इनके पास न तो नगर निगम की मंजूरी है और न ही फायर विभाग का एनओसी। कोई भी पीजी सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करता। ऐसे में हादसे का अंदेशा बना रहता है। यहां छोटे-छोटे कमरों में पीजी चलाए जा रहे हैं और इनमें कई-कई लोगों को रखा गया है। अगर कोई हादसा होता है तो सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। निगम को भी नहीं पता कि शहर में कितने पीजी चल रहे हैं। ज्यादातर पीजी गुपचुप तरीके से चलाए जा रहे हैं। इन पर पीजी के बोर्ड तक नहीं लगाए हुए हैं। नगर निगम ने हाल ही में करीब 200 बड़े पीजी संचालकों को नोटिस भेजा है और 31 मार्च तक पंजीकृत करवाने को कहा है। नगर निगम के अधिकारियों की मानें तो उनका कहना है कि पेइंग गेस्ट के लिए अभी तक अलग कोई नियम नहीं है, जिसके कारण दिक्कतें आ रही है। शहर के मॉडल टाउन, दुर्गा कालोनी, बाबा मस्तनाथ नगर, मेडिकल मोड़, प्रेम नगर, देव कालोनी व छोटूराम नगर में सबसे अधिक पीजी चल रहे हैं। इन स्थानों पर चलने वाले पीजी की संख्या करीब 400 से हैै। पीजी को लेकर अब दमकल विभाग भी अलर्ट हो गया है और पीजी संचालकों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। अतिरिक्त फायर स्टेशन अधिकारी दीपक शर्मा का कहना है कि पीजी को नोटिस भेजने के लिए 4 टीमों का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि पीजी पर कारवाई का अधिकार नगर निगम के पास है।

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