रोप वे, रेपिड ट्रांसपोर्टेशन परियोजनाओं की संभावनाएं तलाशेगी सरकार

शिमला में सोमवार को रोपवे एंड रेपिड ट्रांसपोर्ट डेवेल्पमेंट कारपोरेशन की बैठक में जानकरी प्राप्त करते जयराम ठाकुर। -दैनिक ट्रिब्यून

शिमला, 8 जुलाई (निस) हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य में बढ़ती यातायात समस्या तथा सड़कों पर निर्भरता को कम करने के लिए रज्जू मार्गों और अन्य रेपिड ट्रांसपोर्टेशन परियोजनाओं के निर्माण की संभावनाओं का पता लगाएगी। ये बात मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज शिमला में रोप वे एंड रेपिड ट्रांसपोर्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में मौजूदा परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुचारू बनाने के लिए रज्जू मार्गों, मोनो रेल, पॉड कार, एसक्लेटर आदि आधुनिक परिवहन विकल्पों की पहचान करने के लिए परिवहन विभाग के अन्तर्गत रोप-वे एंड रेपिड ट्रांसपोर्ट डेवल्पमेंट कॉर्पोरेशन का गठन किया है। यह निगम इस सम्बन्ध में एक नोडल एंजेंसी के रूप में कार्य कर रही है। जय राम ठाकुर ने कहा कि पहले चरण में शिमला, मनाली और धर्मशाला जैसे पर्यटन महत्व के स्थलों में यातायात की वैकल्पि व्यवस्थाओं की संभावनाओं का पता लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार के उपक्रम ‘वैपकोस’ लिमिटेड पर्यटन की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण शिमला, मनाली और धर्मशाला शहरों के लिए प्रारम्भिक योजना तैयार की है। उन्होंने कहा कि इसके अनुसार डीपीआर बनाई जाएगी तथा इस वर्ष नवम्बर माह तक निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी। बगलामुखी मंन्दिर के लिए रज्जू मार्ग बैठक में बताया गया कि बगलामुखी मंन्दिर के लिए एक रज्जू मार्ग के प्रोमोटर की नियुक्ति के लिए निविदा आमंत्रित कर दी गई है तथा न्यूगल रज्जू मार्ग के निर्माण के लिए प्री फिजीबिल्टी स्टडी की जा रही है। अब रोड सेफ्टी ऑडिट के बाद ही पास होंगी सड़कें सरकार राज्य में बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर सड़क सुरक्षा पर और सख्त हो गई है। सरकार ने फैसला लिया है कि अब प्रदेश में सभी नई सड़कें रोड सेफ्टी ऑडिट के बाद ही पास की जाएगी। ये बात मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज शिमला में लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। मुख्यमंत्री कहा कि जल निकास सुविधा सड़क स्वीकृति का एक मुख्य बिन्दु होना चाहिए, क्योंकि प्रायः यह देखा गया है कि खराब जल निकास सुविधाओं के कारण सड़कों को भारी क्षति पहुंचती है। उन्होंने कहा कि रिटेनिंग दिवारों, क्रैश बेरियर और पैरापिट्स आदि के निर्माण के माध्यम से 4115 ब्लैक स्पॉटस का सुधार किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में सभी नई सड़कों की स्वीकृति निष्पक्ष एजेंसी द्वारा सुरक्षा ऑडिट के उपरान्त ही दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी मुख्य जिला सड़कों के रखरखाव, चौराहों में सुधार के माध्यम से जियोमैट्रिक्स में सुधार और यात्रियों को बेहतर सड़क सुविधा प्रदान करने के लिए सुरंग निर्माण जैसे कार्यों को करने की दृष्टि से हिमाचल प्रदेश सड़क अधोसंरचना विकास निगम को सुदृढ़ किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं को क्रियान्वित करते समय गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखना चाहिए तथा स्थानीय वास्तुकार और पारम्परिक तकनीकी जानकारियों का प्रयोग करते हुए भवन निर्माण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए आईजीएमसी के नये ओपीडी का निर्माण शीघ्र पूरा होना चाहिए।

सब से अधिक पढ़ी गई खबरें

शहर

View All