राजपक्षे ने ली श्रीलंका के पीएम पद की शपथ

कोलंबो में बृहस्पतिवार को शपथ ग्रहण समारोह में नये प्रधानमंत्री एवं अपने भाई महिंदा राजपक्षे के साथ राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे। -रॉ.

कोलंबो, 21 नवंबर (एजेंसी) श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिन्दा राजपक्षे ने रानिल विक्रमसिंघे के औपचारिक इस्तीफे के बाद गुरुवार को देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। वह नवनिर्वाचित राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के भाई हैं। महिन्दा राजपक्षे अगस्त 2020 में आम चुनाव होने तक कार्यवाहक मंत्रिमंडल के प्रधानमंत्री रहेंगे। वह 2005 से 2015 तक श्रीलंका के राष्ट्रपति रह चुके हैं। 2018 में वह कुछ समय के लिए प्रधानमंत्री भी रहे। गोटबाया ने बुधवार को तब महिन्दा को प्रधानमंत्री पद के लिए नियुक्त किया जब मौजूदा प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने 16 नवंबर को हुए राष्ट्रपति चुनाव में अपने कनिष्ठ सजीत प्रेमदास की हार के बाद पद से इस्तीफा देने की घोषणा की। इससे पहले, महिन्दा को 26 अक्टूबर 2018 को तत्कालीन राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने प्रधानमंत्री नियुक्त किया था। सिरिसेना ने एक विवादास्पद कदम के तहत विक्रमसिंघे को बर्खास्त कर दिया था जिससे देश में अभूतपूर्व संवैधानिक संकट उत्पन्न हो गया था। दोनों भाइयों-गोटबाया और महिन्दा ने निर्णायक कार्रवाई की जिसके तहत देश में लिट्टे के साथ तीन दशक से जारी गृहयुद्ध का खात्मा करने में मदद मिली। गोटबाया से हटे भ्रष्टाचार के आरोप श्रीलंका की कोर्ट ने नवनिर्वाचित राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे को गुरुवार को भ्रष्टाचार के सभी आरोपों से मुक्त कर दिया और साथ ही उनके विदेश यात्रा करने पर लगा प्रतिबंध भी हटा दिया। इस फैसले के बाद गोटबाया 29 नवम्बर को अपनी पहली विदेश यात्रा भारत की करेंगे। डिप्टी सॉलीसिटर जनरल दिलीप पीरिस ने अदालत को बताया कि संविधान के अनुसार राष्ट्रपति के खिलाफ कोई भी दीवानी या फौजदारी मामला न तो दायर किया जा सकता है और न ही चलाया जा सकता है। अदालत ने इसके बाद राष्ट्रपति राजपक्षे को डीए राजपक्षे स्मारक और संग्रहालय के निर्माण में 3.39 करोड़ के कथित गबन के मामले में सभी आरोपों से मुक्त करने का फैसला किया।

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