यूएन शांति रक्षा से जुड़े लोगों की पेशेवर योग्यता का कोई विकल्प नहीं : भारत

संयुक्त राष्ट्र, 7 दिसंबर (एजेंसी) संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षा पर यहां आयोजित उच्च स्तरीय कार्यक्रम में भारत ने कहा कि साझेदारी में काम करना शांति रक्षा मिशन की सफलता की कुंजी है। भारत ने रेखांकित किया कि वैश्विक मिशन के विभिन्न पहलुओं से जुड़े लोगों की पेशेवर योग्यता का कोई विकल्प नहीं है और न ही उससे समझौता किया जा सकता है। ‘शांति रक्षा कार्य में सुधार : यूएनएससीआर 2436 के बाद से एक वर्ष’ पर आयोजित इस कार्यक्रम की सह मेजबानी भारत के साथ पुर्तगाल, सेनेगल, उरुग्वे और वियतनाम ने की। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनिया गुतारेस ने अमेरिका और सह आयोजकों भारत, पुर्तगाल, सेनेगल, उरुग्वे और वियतनाम को कार्यक्रम आयोजित करने के लिए और संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षा मिशन में सहयोग करने के लिए धन्यवाद दिया। भारत के स्थायी प्रतिनिधि एवं संयुक्त राष्ट्र में राजदूत सैयद अकबरुद्दीन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा,‘भारत का विश्वास है कि वैश्विक एकता को मजबूत करने के लिए शांति रक्षण में वृहद साझेदारी महत्वपूर्ण है, इस वैश्चिक कार्य के विभिन्न पहलुओं से जुड़े लोगों की पेशेवर योग्यता का कोई विकल्प नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘‘साझेदारी में कार्य करना शांति रक्षा मिशन की सफलता की कुंजी है।’ उल्लेखनीय है कि भारत संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षा मिशन में सबसे अधिक सैनिकों का योगदान करने वाले देशों में शामिल है। भारत ने लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल में कजाकिस्तान के साथ अपने सैनिकों की तैनाती की है। भारत और अमेरिका ने ज़ाम्बिया में शांति रक्षकों के प्रशिक्षण के लिए संयुक्त सचल प्रशिक्षण टीम की तैनाती की है।

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