मेष, मिथुन, सिंह को लाभ देगा गुरु का राशि बदलना

मदन गुप्ता सपाटू

ज्योतिष में देवताओं के गुरु और ग्रहों के मंत्रिमंडल में मंत्री माने गये बृहस्पति के राशि परिवर्तन को महत्वपूर्ण माना जाता है। मंगलवार 5 नवंबर को बृहस्पति का वृश्चिक से धनु राशि में प्रवेश होगा। राशियों पर ऐसा पड़ेगा प्रभाव... मेष : बृहस्पति का आपकी राशि से नवम भाव में गोचर होगा। नौकरीपेशा लोगों की नई योजनाएं सफल होंगी। नये मेहमान की दस्तक की संभावना है। यह समय पिता के लिए सुखद रहेगा। कामकाज में तरक्की होगी। संतान सुख उत्तम बना रहेगा। समाज और कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान मिलेगा। वृषभ : अष्टम भाव में बृहस्पति के गोचर से जीवन में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। सेहत का विशेष ध्यान रखना होगा। अनचाही यात्राएं इस दौरान परेशान करेंगी। किसी से उधार लिया है तो इस अवधि में चुकाना पड़ सकता है, जिससे आर्थिक स्थिति कमजोर हो सकती है। गृहणियां इस दौरान हर मुश्किल परिस्थिति में अपने जीवनसाथी का साथ देंगी। शेयर मार्केट में निवेश करने से बचें। मिथुन : गुरु आपके सप्तम और दशम भाव के स्वामी हैं। वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा। निवेश के लिए यह अच्छा समय है। आपकी वाणी में मधुरता रहेगी, इसलिए सामाजिक जीवन में भी अच्छे फल प्राप्त कर पाएंगे। अपनी बुद्धिमत्ता से आप जीवन की कई कठिनाइयों का डटकर मुकाबला करेंगे। पार्टनरशिप में काम करने के लिए समय बेहतर है। कर्क : षष्ठम भाव में गुरु होने से आपको स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। कुछ सहकर्मी आपके खिलाफ साजिश कर सकते हैं, इसलिए कार्यक्षेत्र में सतर्कता से चलना होगा। मानसिक तनाव से परेशान रह सकते हैं, इसलिए विषम परिस्थितियों में धैर्य से काम लें। पारिवारिक कलह की आशंका रहेगी। छात्रों के लिए यह गोचर अच्छा रहेगा, प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे। यदि नौकरी की तलाश में है, तो सफलता मिलेगी। सिंह : पंचम भाव में गुरु लाभदायक साबित होगा। सामाजिक स्तर पर आपके अच्छे संपर्क बनेंगे। परोपकारी कामों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले सकते हैं। किसी नये मेहमान की दस्तक हो सकती है। नया वाहन या प्रॉपर्टी खरीदने का मन बना सकते हैं। व्यापार और नौकरी में सफलता मिलेगी। पढ़ाई-लिखाई में रुचि बनी रहेगी। वैवाहिक और संतान सुख के लिए यह गोचर बेहतर है। कन्या : चतुर्थ भाव के साथ-साथ बृहस्पति आपके सप्तम भाव के भी स्वामी हैं। माता-पिता के साथ मतभेद हो सकता है, जिसकी वजह से आपके वैवाहिक जीवन पर भी असर पड़ेगा। अध्यात्म के प्रति आपका झुकाव बढ़ेगा। छात्रों के लिए यह समय सामान्य रहेगा, ब्राह्मण को शक्कर दान करें और गाय को रोटी खिलाएं। तुला : तृतीय भाव के साथ-साथ बृहस्पति आपके षष्ठम भाव के भी स्वामी हैं। आलस्य की अधिकता रहेगी और आप हर काम को कल पर टालने की कोशिश करेंगे। निवास स्थान में परिवर्तन करना पड़ सकता है। अनचाही यात्राएं भी करनी पड़ सकती हैं। बिजनेस और नौकरी करने वाले इस राशि के जातकों को इस समय काम की गति बढ़ाने की जरूत है। धार्मिक कार्यों में हिस्सा ले सकते हैं। क्रोध न करें और व्यवहार में सौम्यता रखें। धार्मिक ज्ञान में वृद्धि होगी, ईश्वर के प्रति आस्था बढ़ेगी। वृश्चिक : द्वितीय भाव में स्थिति आपको अच्छे फल दिलाएगी। कोई मांगलिक कार्य होने की संभावना है। कारोबारी लोगों के साहस में वृद्धि देखी जा सकती है। विरोधी सामने टिक नहीं पाएंगे। पुस्तकें आपके ज्ञान को नया आयाम देंगी। घर में मेहमानों का आना-जाना लगा रहेगा। गृहस्थ जीवन अच्छा बना रहेगा। शत्रु आपका कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे। धनु : आपके लग्न भाव के साथ-साथ देवगुरु चतुर्थ भाव के भी स्वामी हैं। जीवन के हर क्षेत्र में भाग्य साथ देगा। धन से जुड़े लेन-देन के मामलों में संभल कर रहें। गुस्से पर नियंत्रण रखना होगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। किसी ऐसे लक्ष्य को भी प्राप्त कर सकते हैं, जिसके लिए काफी समय से मेहनत कर रहे थे। छात्र पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। किसी भी काम को जल्दबाजी में न करते हुए यदि सयंम रखेंगे, तो लाभ होगा। मकर : द्वादश भाव के साथ-साथ बृहस्पति आपके तृतीय भाव के भी स्वामी हैं। लंबी दूरी की यात्राओं पर जाना पड़ सकता है। वैवाहिक सुख मिला-जुला रहने वाला है। संतान सुख में कुछ दिक्कतें बनी रहेंगी। धन का आगमन होगा, लेकिन उसी के अनुसार खर्च भी होगा। बेवजह किसी वाद-विवाद में न पड़ें। उधार सोच-समझकर दें। छात्रों के लिए यह समय अच्छा है। कुंभ : गुरु का आपके एकादश भाव में होना आपको कई क्षेत्रों में अच्छे फल दिलाएगा। किसी बीमारी से जूझ रहे हैं, तो उसमें सुधार आएगा। इच्छाएं पूरी हो सकती हैं। किसी निवेश से फायदा हो सकता है। नौकरी और व्यापार में अच्छा धनलाभ होगा, काम का विस्तार होगा। निवेश करने के लिए अच्छा समय है। पारिवारिक सुख अच्छा बना रहेगा। मीन : बृहस्पति का गोचर दशम भाव में होगा। तबादला होने के आसार हैं। स्थान परिवर्तन करने की वजह से आपको कुछ परेशानियां आएंगी, लेकिन थोड़े समय बाद आपको अहसास होगा कि यह परिवर्तन आपके लिए अच्छा था। आर्थिक मामलों के लिए यह गोचर शुभ है, कई स्रोतों से धन प्राप्ति हो सकती है। यह गोचर स्वास्थ्य के लिए बहुत उत्तम नहीं है। अस्पताल के चक्कर काटने पड़ सकते हैं। अगर किसी को पैसा उधार देना है तो सतर्क रहें। मित्रों, रिश्तेदारों के साथ अच्छा समय बिताएंगे।

यदि आपकी राशि में गुरु के इस गोचर के कारण कोई परेशानी लगती है तो ये उपाय कर सकते हैं-

  • भगवान शिव का रुद्राभिषेक कराएं।
  • बृहस्पतिवार को घी का दान करें।
  • घर में कपूर का दीपक जलाएं।
  •  हर बृहस्पतिवार को केले के वृक्ष का पूजन करें।
  • ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरवे नम: मंत्र का जाप करें।
  • ब्राह्मण को शक्कर दान करें और गाय को रोटी खिलाएं।
  • बृहस्पतिवार के दिन हल्दी व चना दाल का  दान करें।
  • केसर का तिलक अपने माथे पर लगाएं और पीला रूमाल अपने पास रखें।
  •  गुरु के मंत्र- ॐ ब्रं बृहस्पतये नम: का जाप करें।

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