भीड़ जमा करने पर पाबंदी, होगी एफआईआर दर्ज

चंडीगढ़, 13 जुलाई (ट्रिन्यू/एजेंसी) कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए पंजाब सरकार ने सोमवार से संशोधित दिशा-निर्देश जारी कर सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ जमा करने को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है। इसके साथ ही सामाजिक कार्यक्रमों में 5 लोगों के इकट्ठा होने और शादी तथा अन्य कार्यक्रमों में मौजूदा 50 के बजाय 30 लोगों के शामिल होने की अनुमति दी गयी है। इस बारे में मुख्यमंत्री अमरेंद्र सिंह ने आदेश जारी कर दिये हैं। अब मास्क न पहनने पर जुर्माना, सार्वजनिक स्थान पर थूकने वालों पर कार्रवाई, भीड़ एकत्रित करने की अनुमति न देना एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने जैसे नियमों पर खासा जोर दिया जायेगा। पुलिस से सार्वजनिक जमावड़े पर पाबंदी का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करने को कहा गया है। सरकार द्वारा जारी विस्तृत अधिसूचना के मुताबिक पुलिस और नागरिक प्रशासन को सामाजिक जमावड़े (सभी जिलों में लागू धारा 144 के तहत पांच लोगों के इकट्ठा होने की अनुमति) के साथ ही शादियों और सामाजिक कार्यक्रमों पर पाबंदी को कड़ाई से लागू करने को कहा है। स्वास्थ्य ढांचे के अधिकतम इस्तेमाल के लिए बिना लक्षण वाले या हल्के लक्षण वाले तथा पहले से किसी अन्य गंभीर बीमारी से नहीं जूझ रहे लोगों को जरूरत के मुताबिक 'कोविड देखभाल केंद्र' या 'घरेलू एकांतवास' में रखा जाएगा। उपायुक्त, पुलिस आयुक्त और एसएसपी को सुनिश्चित करने को कहा गया है कि सभी अस्पताल उपलब्ध बेड के बारे में जानकारी दें और कोविड-19 के मरीजों का उपचार करने से मना नहीं करें। पंजाब सरकार ने डेंगू तथा मच्छर जनित अन्य बीमारियों की रोकथाम के लिए सफाई अभियान भी चलाने का फैसला किया है।

सार्वजनिक स्थानों पर थूकने वालों पर होगी कार्रवाई मुख्यमंत्री कैप्टन मुख्यमंत्री अमरेंद्र सिंह ने कहा कि मास्क न पहनने के लिए शनिवार के दिन 5100 लोगों के चालान काटे गये हैं। अब पुलिस सार्वजनिक स्थानों पर थूकने वालों पर भी कार्रवाई करेगी। कार्यस्थलों, कार्यालयों, बंद स्थानों पर मास्क पहनना अनिवार्य होगा। नये निर्देश के तहत वातानुकूलित व्यवस्था और हवा के निकास पर स्वास्थ्य विभाग के परामर्श का भी कड़ाई से पालन करना होगा।

प्रबंधक होंगे जिम्मेदार, लाइसेंस होगा रद्द निर्देशों का उल्लंघन होने पर विवाह घर, होटलों और वाणिज्यिक स्थानों के प्रबंधक जिम्मेदार होंगे और उनका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। उन्हें प्रमाणित करना होगा कि भीतरी जगहों पर हवा के निकास के लिए समुचित व्यवस्था की गयी है। राज्य सरकार ने तेजी से संक्रमण फैलने वाले स्थानों की पहचान में तकनीक के इस्तेमाल और भविष्य में उठाये जाने वाले कदमों के बारे में मार्गदर्शन के लिए आईआईटी चेन्नई के विशेषज्ञों के साथ भागीदारी की है।

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