बेहतर जीवन मूल्य

मोनिका अग्रवाल शिष्टाचार हमारे जीवन में कितना महत्वपूर्ण है यह तो आप सभी जानते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि शिष्टाचार की नींव बच्चे में बचपन से ही रखनी चाहिए। अच्छे शिष्टाचार से बच्चे जीवन के बेहतर मूल्य और सिद्धांत को समझ सकेंगे। गुड मैनर्स या अच्छे शिष्टाचार का महत्व बच्चों के लिए और भी अधिक हो जाता है क्योंकि बच्चे कोमल मन के होने के कारण किसी भी बात को सीखने की जल्दी कोशिश करते हैं। हर मां-बाप का कर्तव्य है कि वे अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दें। और आंख मूंदकर सिर्फ पीठ न थपथपायें बल्कि उनकी गलतियों का अहसास भी उनको करायें और उन्हें सुधारने का प्रयास करें। तो आज हम जानते हैं बच्चों के लिए कौन-कौन सी बातें सीखना बहुत ज़रूरी है।

त्याग माता-पिता अपने बच्चों के लिए और परिवार के लिए हर तरह का त्याग करने के लिए तत्पर रहते हैं। वे खुद आधा पेट खाना खाकर बच्चों को पूरा पेट खाना खिलाते हैं। इसे कहते हैं त्याग। उनके पास चाहे खुद के लिए कुछ न हो लेकिन वो अपने बच्चों के सपनों को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं। बच्चों को यह त्याग का भाव अपने माता-पिता से अवश्य सीखना चाहिए।

कड़ी मेहनत माता-पिता दिन रात मेहनत करते हैं ताकि वो अपने परिवार के लिए सभी सुख-सुविधाएं जुटा पाएं। उनकी मेहनत का ही नतीजा होता है जो बच्चे आराम से अपना जीवन व्यतीत करते हैं और जीवन में सब कुछ हासिल करते हैं। वे अपने बच्चों के लिए कोई भी जोखिम लेने से पीछे नहीं हटते। बच्चों को भी कड़ी मेहनत का महत्व समझायेें। समय की पाबंदी कहते हैं कि आप समय की कद्र करेंगे तो समय भी आपकी कद्र करेगा। मुझे आज भी अच्छी तरह से याद है चाहे कोई फंक्शन हो या पार्टी हो, चाहे मौसम खराब हो लेकिन पापा हमेशा वक्त सेेेे पहले पहुंचते थे। आज भी हम लोग सोचते हैं कि इतनी जल्दी जाकर क्या होगा।

क्षमा करना बच्चों को समझाएं कि हर समय गलती बताने से ज्यादा बड़ा गलतियों को माफ करने वाला होता है।

केयर जैस घर के बुजुर्ग और बाकी लोग छोटे-बड़े हर सदस्य की देखभाल करते हैं। वैसे ही बच्चों में भी आदत डालें एक-दूसरे की परवाह करनेे की। बच्चों को पौधे या पैट्स के ज़रिए समझाएं कि देखभाल क्या होती है? क्या है इसके सच्चे मायने?

डटकर सामना बालपन में ही बच्चों को बताना चाहिए कि डर कर पीछे हटना उचित नहीं। मुसीबतों से हार नहीं माननी चाहिए बल्कि उनका डटकर सामना करना चाहिए।

संतुष्टि बच्चे को सिखाएं हर हाल में खुश रहना । थोड़ी-बहुत जि़द तो हर बच्चा करता हैैै लेकिन हर जि़द पूरी हो जाएगी तो बच्चा कैसे समझेगा।

गुस्से पर नियंत्रण आजकल के बच्चे शॉर्ट टेंपर्ड होते जा रहे हैं। क्रोध इनसान को जानवर बना देता है और गुस्से से कोई भी काम ठीक नहीं होता बल्कि बिगड़ जाता है। उसको शांत रहने का महत्व समझाएं। बच्चे को समझायें कि दूसरों का सम्मान करना चाहिये ताकि आपके बच्चे जीवन में सफलता प्राप्त करें और साथ ही एक अच्छा नागरिक बनें।

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