बीमा कंपनियों में पूंजी डाल सकती है सरकार

नयी दिल्ली, 12 जनवरी (एजेंसी) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम बजट में सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों के लिए दूसरे दौर की पूंजी डालने की घोषणा कर सकती हैं। ऐसी कंपनियों की वित्तीय सेहत सुधारने के लिए सरकार यह कदम उठा सकती है। सरकार ने पिछले महीने 2019-20 के लिए पहली अनुदान के लिए अनुपूरक मांग में 3 बीमा कंपनियों, नेशनल इंश्योरेंस, ओरियंटल इंश्योरेंस और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस में 2,500 करोड़ रुपये डालने की घोषणा की थी। सूत्रों ने कहा कि इन कंपनियों को तय ‘सॉल्वेंसी मार्जिन' के लिए 10 हजार से 12 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त जरूरत पड़ेगी। सूत्रों ने बताया कि इस बारे में घोषणा वित्त वर्ष 2020-21 के बजट में की जा सकती है। बजट एक फरवरी को पेश होगा। पूंजी डालने के बाद न केवल इन कंपनियों की वित्तीय सेहत सुधरेगी, बल्कि उनके विलय का रास्ता भी खुल सकेगा। तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2018-19 में घोषणा की थी कि तीनों कंपनियों का एक इकाई के रूप में विलय किया जाएगा। हालांकि, इन कंपनियों का विलय कई कारणों मसलन उनकी खराब वित्तीय सेहत की वजह से नहीं किया जा सका था। सूत्रों ने बताया कि विलय के बाद अस्तित्व में आने वाली संयुक्त इकाई को शेयर बाजारों में सूचीबद्ध किया जाएगा। शुरुआती अनुमानों के अनुसार विलय के बाद बनने वाली संयुक्त इकाई देश की सबसे बड़ी साधारण बीमा कंपनी होगी, जिसका मूल्य 1.2 से 1.5 लाख करोड़ रुपये होगा।

सब से अधिक पढ़ी गई खबरें