पूर्व प्रधानमंत्रियों के परिवारों को नहीं मिलेगी एसपीजी सुरक्षा

नयी दिल्ली, 22 नवंबर (एजेंसी) केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एसपीजी अधिनियम में जिन संशोधनों को मंजूरी दी है, उनके मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्रियों के परिजनों को अब विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) के कमांडो सुरक्षा नहीं देंगे। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। सरकार ने कुछ दिन पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उनके बेटे राहुल गांधी और बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा को दी गयी एसपीजी सुरक्षा को वापस ले लिया था। इससे पहले, 28 साल तक गांधी परिवार को एसपीजी सुरक्षा मिलती रही। इस संबंध में एसपीजी कानून में संशोधन वाला विधेयक अगले सप्ताह लोकसभा में पेश किया जा सकता है। संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने शुक्रवार को लोकसभा में जानकारी दी कि अगले सप्ताह की कार्यसूची में विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) संशोधन विधेयक सूचीबद्ध है। एसपीजी कानून के मुताबिक, इस बल के कमांडो प्रधानमंत्री, उनके निकटतम परिजनों, किसी पूर्व प्रधानमंत्री या उनके निकटतम परिवार के सदस्यों की सुरक्षा का जिम्मा उनके पद संभालने की तारीख से एक साल तक और खतरे की आशंका के स्तर के हिसाब से एक साल से ज्यादा समय तक भी संभालेंगे। अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, अब पूर्व प्रधानमंत्रियों के परिवार के सदस्यों को एसपीजी सुरक्षा घेरा नहीं दिया जाएगा। अभी केवल पीएम को अब देश में केवल पीएम नरेंद्र मोदी को करीब 4000 अधिकारियों और जवानों वाले एसपीजी बल की सुरक्षा मिली हुई है। गांधी परिवार की हटाई पूर्व पीएम राजीव गांधी की 21 मई, 1991 को हत्या के बाद उनके परिवार के सदस्यों को एसपीजी का सुरक्षा दी गयी थी, जिसे इस महीने की शुरुआत में वापस लेने का फैसला किया गया। उन्हें 1988 के एसपीजी कानून में सितंबर 1991 में संशोधन के बाद यह वीवीआईपी सुरक्षा घेरा प्रदान किया गया था। गांधी परिवार को अब जेड-प्लस सुरक्षा दी गयी है। इसमें सीआरपीएफ के जवान शामिल होते हैं। नियमों के तहत एसपीजी सुरक्षा प्राप्त लोगों के काफिले में सुरक्षाकर्मी, उच्च तकनीक वाले वाहन, जैमर और एंबुलेंस शामिल होते हैं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बृहस्पतिवार को गांधी परिवार के सदस्यों से एसपीजी सुरक्षा हटाने के सरकार के फैसले पर कहा था कि यह राजनीति का हिस्सा है, जो होती रहती है। कांग्रेस ने पिछले दिनों संसद में और संसद से बाहर भी इस विषय को उठाया था।

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