पुराने तालों के चलते जेल से फरार हुए थे 4 कैदी

लुधियाना (निस) : लुधियाना की केंद्रीय जेल की दीवार फांदकर 28 मार्च को जो 4 कैदी भागे थे, उसकी जांच में 20 साल पुराने तालों को दोषी बताया गया है। उनके अतिरिक्त 2 ऐसे कैदी भी हैं, जिन्होंने अमन कुमार, सूरज कुमार, रवि कुमार और अर्शदीप सिंह को फरार करवाने में सक्रिय योगदान दिया था। यह जानकारी देते हुए पंजाब पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक (जेल) पी के सिन्हा ने दी। उन्होंने बताया कि उक्त घटना की जांच जेल विभाग और लुधियाना पुलिस समानांतर स्वतंत्र रूप से कर रही है। एडीजीपी ने बताया कि पुराने ताले अब बदल दीये गये हैं। जेल अधिकारी इस प्रभाव में थे कि पुराने ताले अधिक मजबूत होते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जांच में पाया गया कि ताले चाबी से नहीं खोले गये। उल्लेखनीय है कि अभी तक पुलिस अमन कुमार सूरज को ही गिरफ्तार कर सकी है जबकि दो अन्य अभी तक फरार हैं।

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