पीएसएलवी ने पहले नौवहन उपग्रह को किया प्रक्षेपित

श्रीहरिकोटा (आंध्रप्रदेश), 1 जुलाई (भाषा)। भारत ने आज देर रात पोलर सैटेलाइट लांच व्हीकल (पीएसएलवी) के जरिए अपने पहले नौवहन उपग्रह को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित करके एक नए युग की शुरूआत की। पीएसएलवी ने यहां सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरी। ठीक 11 बजकर 41 मिनट पर अब तक कई उड़ानों में सफल रहे राकेट पीएसएलवी सी22 ने आईआरएनएसएस-1 ए उपग्रह के साथ उड़ान भरी।  प्रक्षेपण के करीब 20 मिनट बाद रॉकेट ने आईआरएनएसएस-1 ए को उसकी कक्षा में स्थापित कर दिया। क्या है मकसद : इस उपग्रह से मिले आंकड़े देश में विभिन्न क्षेत्रों जैसे आपदा प्रबंधन, वाहनों का पता लगाने, समुद्री नौवहन में मदद करेंगे।  भारत द्वारा विकसित आईआरएनएसएस-1ए अगले 10 साल तक काम करेगा। आईआरएनएसएस-1ए उन सात उपग्रहों में पहला है जिसे भारतीय क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली के लिए छोड़ा जाना है। इसका डिजाइन देश तथा देश की सीमा से 1500 किलोमीटर की दूरी तक में इसे इस्तेमाल करने वाले को सटीक स्थिति की सूचना देगा है। यह इसका प्राथमिक सेवा क्षेत्र है। आईआरएनएसएस रूस के ग्लोनास, अमेरिका के जीपीएस, यूरोपीय संघ के गैलेलियो, चीन के बेइदोउ उपग्रह नौवहन प्रणाली की तरह होगा।

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