पर्सनल लॉ बोर्ड देगा पुनर्विचार याचिका

लखनऊ, 27 नवंबर (एजेंसी)

आल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव जफरयाब जिलानी ने सुन्नी वक्फ बोर्ड के विपरीत अयोध्या मामले में सुप्रीमकोर्ट के निर्णय पर पुनर्विचार की याचिका दाखिल करने के फैसले पर कायम रहने की बात कहते हुए आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस याचिका दाखिल करने का इरादा जताने वाले मुद्दई मुस्लिमों को प्रताड़ित कर रही है। जिलानी ने बताया 'हम तो याचिका दाखिल करेंगे। याचिका दाखिल न करने के सुन्नी वक्फ बोर्ड के फैसले का हम पर कोई असर नहीं होगा। हमारे पास 9 दिसंबर तक का वक्त है। हम उससे पहले दाखिल कर देंगे। उसकी तारीख अभी नहीं बतायी जा सकती क्योंकि यह किसकी तरफ से होगी, इस पर फैसला होना अभी बाकी है।' उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या की पुलिस राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में मुद्दई रहे मुस्लिम पक्षकारों को यह कहते हुए परेशान कर रही है कि अगर वे पुनर्विचार याचिका दाखिल करेंगे तो उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल में डाल दिया जाएगा।' याचिका किसकी तरफ से दाखिल होगी, अभी उनका नाम नहीं बताया जा सकता, क्योंकि पुलिस उन्हें घर में घुसकर धमका रही है। जमीन पर दावा कर सकता है शिया बोर्ड लखनऊ : उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड ने कहा है कि सुप्रीमकोर्ट के आदेश के अनुसार अयोध्या में मस्जिद बनाने के लिये उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड 5 एकड़ जमीन नहीं लेता है तो वह खुद इसके लिये दावा पेश कर सकता है। शिया बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने बुधवार को कहा कि बोर्ड की आज हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है। इस सवाल पर कि जब अदालत ने सुन्नी वक्फ बोर्ड को जमीन देने को कहा है तो शिया वक्फ बोर्ड कैसे दावा पेश कर सकेगा, रिजवी ने कहा कि सुप्रीमकोर्ट ने खुद माना है कि बाबरी मस्जिद बाबर के शिया कमांडर मीर बाकी ने बनवायी थी, लिहाजा विवादित स्थल शिया वक्फ सम्पत्ति मानी जानी चाहिये। उन्होंने यह भी कहा कि विवादित स्थल को लेकर बोर्ड पुनर्विचार की याचिका नहीं दाखिल करेगा।

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