देश में शहरी बेरोजगारी दर घटकर हुई 9.3%

नयी दिल्ली, 23 नवंबर (एजेंसी) देश में शहरी बेरोजगारी की दर जनवरी-मार्च 2019 की अवधि में घटकर 9.3 प्रतिशत रही। अप्रैल-जून 2018 में यह 9.8 प्रतिशत पर थी। सरकार द्वारा शनिवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में यह बात सामने आयी है। इन आधिकारिक आंकड़ों में तुलना करने के लिए जनवरी-मार्च 2018 की अवधि के आंकड़े नहीं जारी किए गए हैं। सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय ने अपनी त्रैमासिक सूचना में जनवरी-मार्च 2019 के आंकड़े जारी किए हैं। इसमें शहरी क्षेत्रों के लिए श्रमबल संकेतकों के अनुमान दिखाए गए हैं। आंकड़ों के अनुसार, समीक्षावधि में शहरी क्षेत्रों में पुरुषों में बेरोजगारी की दर 8.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि अप्रैल-जून 2018 में यह 9 प्रतिशत थी। इसी तरह, महिलाओं के बीच बेरोजगारी दर समीक्षावधि में 11.6 प्रतिशत रही, जो अप्रैल-जून 2018 में 12.8 प्रतिशत थी। बेरोजगारी दर के उच्च स्तर पर पहुंचने को लेकर सरकार को आलोचना का शिकार होना पड़ा है। इस साल मई में सरकारी आंकड़ों में दिखाया गया था कि देश के श्रमबल में बेरोजगारी की दर 2017-18 में 6.1 प्रतिशत थी, जो 45 साल का उच्चतम स्तर था। शनिवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल जनवरी से मार्च के दौरान शहरी क्षेत्रों में श्रमबल की भागीदारी का अनुपात (एलएफपीआर) मामूली सुधरकर 36 प्रतिशत पर पहुंच गया। यह अप्रैल-जून 2018 में 35.9 प्रतिशत था। इस वर्ष जनवरी-मार्च में शहरों में पुरुषों के मामले में यह अनुपात 56.2 प्रतिशत और महिलाओं के मामले में 15 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है। एलएफपीआर ऐसे लोगों का अनुपात है जो श्रम बाजार में काम करने योग्य हैं और काम कर रहे हैं या काम की तलाश में हैं।

सब से अधिक पढ़ी गई खबरें

ज़रूर पढ़ें

बलिदानों के स्वर्णिम इतिहास का साक्षी हरियाणा

बलिदानों के स्वर्णिम इतिहास का साक्षी हरियाणा

सुशांत की ‘टेलेंट मैनेजर’ जया साहा एनसीबी-एसआईटी के सामने हुईं पेश

सुशांत की ‘टेलेंट मैनेजर’ जया साहा एनसीबी-एसआईटी के सामने हुईं पेश

किसानों की आशंकाओं का समाधान जरूरी

किसानों की आशंकाओं का समाधान जरूरी

मुख्य समाचार

वीआरएस के बाद बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय की चुनाव लड़ने की अटकलें, फिलहाल किया इनकार!

वीआरएस के बाद बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय की चुनाव लड़ने की अटकलें, फिलहाल किया इनकार!

कहा- बिहार की अस्मिता और सुशांत को न्याय दिलाने के लिए लड़ी ...