दुर्घटनाएं रोकती नयी टेक्नोलॉजी

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कुमार गौरव अजीतेन्दु ऑटो सेक्टर हमेशा से सुरक्षा को महत्वपूर्ण मानता रहा है और दुनिया की कई कंपनियां इसी बात को ध्यान में रखकर काम कर रही हैं। जर्मनी की इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी क्षेत्र की बहुराष्ट्रीय कंपनी बॉश के इंजीनियर्स का कहना है कि 2022 तक आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) से लैस ऐसे कई वाहन बाजार में होंगे, जो जान के जोखिम को काफी हद तक कम कर देंगे। ड्राइविंग के वक्त ध्यान भटकते ही एआई से ड्राइवर को अलर्ट मिलेगा, साथ ही कार की रफ्तार अपने आप कम होने लगेगी। गाड़ियों के स्टेयरिंग, व्हील और रियर व्यू मिरर में कैमरा सेट होगा, जो चलती कार में सभी पर नजर रखेगा। इतना ही नहीं, आर्टिफिशल इंटेलीजेंस से गाड़ी स्टार्ट करते ही सीट बेल्ट, सुरक्षा उपकरण, एयर बैग्स आदि ठीक से काम कर रहे हैं या नहीं, चालक को इसकी भी जानकारी मिलेगी। दुर्घटनाओं पर हुए पहले के शोध बताते हैं कि ड्राइवर का ध्यान भटकने और सुस्ती या झपकी लगने की वजह से हर दस में से एक गाड़ी हादसे का शिकार हुई। बॉश बोर्ड के सदस्य हैराल्ड क्रॉगर ने कहा कि अगर कार को पता हो जाए कि उसे ड्राइवर या अन्य उसे चलाने जा रहे हैं तो ड्राइविंग सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक बनाई जा सकती है। ऐसे में गाड़ी में लगे कैमरा और एआई की मदद से जोखिम को कम किया जा सकता है। स्टेयरिंग में लगा कैमरा ड्राइवर की आंखों को देखकर समझ लेगा कि पलकें भारी हो रही हैं या फिर सिर सामने की जगह दाएं-बाएं मुड़ा हुआ है। तब एआई तुरंत सुरक्षा उपकरणों को सक्रिय करेगा और अलर्ट के माध्यम से ड्राइवर के थके होने की जानकारी देगा। इस दौरान वाहन की रफ्तार भी कम हो जाएगी। कैमरे ड्राइवर की पलकों के बंद होने के औसत और आंखों की थकान के आधार पर सिस्टम को सक्रिय करेंगे। यूरोपियन कमीशन को आशा है कि इस तकनीक की मदद से 2038 तक 25 हजार जानें बचाई जा सकेंगी। बायोनिक वुमन विंटर म्राज टेक्नोलॉजी के इस दौर में ऐसी-ऐसी खबरें सुनने को मिलती हैं जो हमें हैरत से भर देती हैं। कुछ ऐसा ही है लिवरपूल की रहने वाली इंजीनियर विंटर म्राज का मामला। उन्हें एक कार हादसे में कई चोटें आई थीं जिससे उनकी गर्दन, घुटने और एड़ियां टूट गई थीं। रोज के काम करने में आसानी के लिए उन्होंने अपने शरीर में चिप, मैग्नेट और फ्लश लाइट लगवा ली। उन्होंने एक टीवी प्रोग्राम में खुलासा किया कि उसके हाथों में इम्प्लांट की गई दो चिप में से एक डोर खोलने के लिए काम में आती है। दूसरी चिप का वे बिजनेस कार्ड के लिए इस्तेमाल करती हैं। इसके अलावा, हाथों की अंगुलियों में मैग्नेट और एक बाजू में दो फ्लश लाइट इम्प्लांट कराई हैं। कार दुर्घटना के बाद उनकी कई बार सर्जरी हुई। उनके एक घुटने का कैप 3डी प्रिंटेड है। म्राज ने बताया कि उनके बाएं हाथ में एक माइक्रोचिप लगाई गई है, जो उनके घर के फ्रंट डोर को खोलने के काम आती है। इसके अलावा, वर्क प्लेस में सिक्युरिटी कार्ड के तौर पर भी काम करती है। उन्होंने बताया कि एक पड़ोसी ने उन्हें चिप लगाने की सलाह दी थी। दूसरी चिप बाएं हाथ में लगी है। इसमें उसके बिजनेस कार्ड के कम्प्यूराइज्ड वर्सन स्टोर हैं, जिसे वह लोगों के फोन पर भेज सकती है। उन्होंने बताया कि इससे उनकी जिंदगी आसान हुई है।

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