तुतलाहट से मुक्ति के घरेलू नुस्खे

बच्चे की तुतलाहट का इलाज जितना जल्दी शुरू किया जाये उतना बेहतर होता है। बच्चा अगर 4-5 साल के बाद भी साफ नहीं बोल पाता तो माता-पिता चिंतित हो जाते हैं। बच्चों में तुतलाहट की समस्या के इलाज के लिये अभी तक कोई दवा नहीं बनी है लेकिन कुछ घरेलू तरीके हैं जो सदियों से कारगर माने जाते रहे हैं। इन्हें आप भी अपना सकते हैं। आंवला—आयुर्वेद में आंवले को बहुत अच्छी दवाई माना गया है क्योंकि यह कई रोगों का इलाज करने में सक्षम है। शिशु को कई दिनों तक चुटकी भर आंवला पाउडर, गाय के घी के साथ देने से तुतलाना ठीक होता है। छुहारा—बच्चे की आवाज में अगर तोतला पन है तो छुहारा खाने से भी फायदा मिलता है। शिशु को रात को सोने से दो घंटे पहले यदि आधा छुहारा खाने के लिए दिया जाये तो बहुत आराम मिलता है। मक्खन और बादाम—रात को सोने पहले कुछ बादाम पानी में भिगो के रख दें। सुबह बादाम को पीस लें और पिसे हुए बादाम को मक्खन के साथ मिला के बच्चे को कुछ दिनों तक खिलाएं जब तक की तुतलाने की समस्या पूरी तरह से समाप्त न हो जाये। मिश्री—शिशु की तुतलाहट को दूर करने के लिए मिश्री भी एक बेहतर घरेलू इलाज है। शिशु को बादाम के साथ थोड़ी मिश्री देने से भी उसकी समस्या दूर होती है। इस प्रयास से शिशु की आवाज भी साफ़ होती है। ब्राह्मी तेल—ब्राह्मी के तेल से शिशु के सर की मालिश करने से धीरे धीरे उसकी तुतलाने की समस्या कम होने लगती है। ब्राह्मी के तेल से शिशु के सर की मालिश करने से पहले तेल को हल्का सा गरम कर लें। हर दिन कुछ देर तक मालिश करने से केवल तुतलाना ही समाप्त नहीं होता है वरन बच्चे का दिमाग भी तेज़ होता है और याददाश्त शक्ति भी बढ़ती है। बादाम—रात को 10 बादाम पानी में भिगो दें। सुबह इसके छिलके उतार कर पीस लें और एक चम्मच मक्खन में मिलाकर बच्चे को खिलाएं। इससे बच्चे का तुतलाना दूर हो जाएगा।

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