जेबीटी प्रशिक्षुओं ने दी आमरण अनशन की चेतावनी

शिमला, 11 मई (निस)। हिमाचल प्रदेश जेबीटी प्रशिक्षु संघ ने प्रदेश सरकार द्वारानियमित नौकरी के लिए जेबीटी प्रशिक्षु अध्यापकों से बांड न भरवाने पर आमरण अनशन की धमकी दी है। यह ऐलान जेबीटी प्रशिक्षु संघ के पदाधिकारियों ने मंगलवार को शिमला में एक पत्रकार वार्ता में किया। संघ के प्रदेशाध्यक्ष चंद्रमोहन नेगी ने पत्रकार वार्ता में कहा कि आमरण अनशन आरंभ करने से पूर्व राज्यपाल उर्मिला सिंह को ज्ञापन सौंपकर जेबीटी प्रशिक्षु अध्यापकों की समस्याओं से अवगत करवाया जाएगा। इसके उपरांत भी प्रदेश सरकार ने नियमित नौकरी के लिए बांड नहीं भरवाया तो जेबीटी प्रशिक्षु अध्यापक प्रदेश सरकार के फैसले के विरुद्ध आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे। हमीरपुर (निस)। जेबीटी प्रशिक्षुओं ने आज नादौन उपमंडल मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया व रैली भी निकाली। जिसमें छात्रों  ने सरकार के विरूद्ध नारेबाजी की तथा छात्र मांग कर रहे थे कि तुरंत शिक्षा मंत्री आईडी धीमान को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाये। उन्होंने आरोप लगाया कि धीमान व शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारियों के अडिय़ल रवैये के कारण छात्रों को संघर्ष करना पड़ रहा है। छात्रों ने अपनी नियमित सेवा वांड भरवाने की मांग हेतु जो प्रतिनिधिमंडल वार्ता हेतु भेजा था उन्हें डराने धमकाने व बांड भरवाने को नाजायज करार देते हुए प्रारभिंक शिक्षा निदेशक ने बांड भरवाने से साफ इंकार किया गया। हांलाकि शिक्षा निदेशक प्रतिनिधिमंडल के तर्कपूर्ण तथ्यों से पूर्ण रूप से सहमत थे फिर भी तानाशाही रवैया अपनाते हुए प्रशिक्षुओं की मांग को दबाने का भरसक प्रयास किया। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों को दो दिन के भीतर नहीं माना गया तो संघर्ष उग्र रूप धारण कर लेगा। जेबीटी प्रशिक्षुओं ने आज मुख्यमंत्री पे्रम कुमार धूमल को ज्ञापन भी भेजा। कुल्लू (निस)।  जेबीटी प्रशिक्षुओं ने मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर चक्का जाम किया। यह चक्का जाम कालेज गेट के बाहर करीब ड़ेढ घंटे तक किया। इससे पर्यटकों को भी काफी परेशानी हुई। बाद में पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में कर दिया। इस दौरान छात्रों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की और अपनी साथी की मौत के लिए सीबीआई जांच की मांग की है। संघ के प्रदेश महासचिव नरेश कुमार ने कहा कि जेबीटी प्रशिक्षुओं की मांगें जायज थी लेकिन सरकारी वार्ता में कोई भी हल न निकलने से आंदोलन इसी तरह से चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि कई जेबीटी प्रशिक्षु कर्ज लेकर प्रशिक्षण ले रहे हैं। बांड न भरने से उन्हें भविष्य की चिंता भी सताने लगी है। नरेश ने कहा कि सरकार अभी भी अपनी गलतियां मानने को तैयार नहीं है। मंडी (निस)। जेबीटी  प्रशिक्षुओंंं ने आज भी नगर प्रदर्शन किया तथा  बांड भरवाने की मांग को लेकर उपायुक्त कार्यालय के बाहर जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए  सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जेबीटी  प्रशिक्षु नेताओं ने  शिक्षा मंत्री व शिक्षा विभाग पर आरोप लगाया कि वह गलत बयानबाजी कर प्रशिक्षुओं का मानसिक उत्पीडऩ न करें । जेबीटी प्रशिक्षक संघ मंडी के प्रधान पवन कुमार ने अपने सम्बोधन में कहा कि पूरे प्रदेश में जेबीटी  प्रशिक्षु कक्षाओं का बहिष्कार कर रहे हैं और यह बहिष्कार तब तक जारी रहेगा  जब तक उनकी मांग को स्वीकार नहीं कर लिया जाता। पवन कुमार ने चेतावनी दी कि यदि उनके साथ न्याय नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र रूप धारण कर सकता है । उन्होंने कहा कि शिक्षा अधिकारियों  के साथ हुई वार्ता का कोई हल नहीं निकला है। संघ के  प्रधान पवन कुमार ने कहा कि सरकार एक ओर नौकरी देने की बात स्वीकार करती है तो बांड भरवाने में आनाकानी क्यों की जा रही है । दूसरी ओर शिक्षा विभाग के सूत्रों का कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो सरकार जेबीटी के इस सत्र को आगे बढ़ाने में विचार कर सकती है।   विभाग का कहना है कि जेबीटी प्रशिक्षुओं को कुछ मांगने से पहले अपना प्रशिक्षण पूरा करना चाहिए । उनका पहला अधिकार प्रशिक्षण प्राप्त करना है ताकि वह पूरी तरह से अध्यापक बन जाएं तभी वह आगे की मांग के हकदार हैं।

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