जब खाने में नखरे करे छोटू

शिखर चंद जैन

अक्सर नन्हे बच्चों की मम्मियां उनके खानपान की आदतों और नखरों से परेशान रहती हैं। 1 से 3 साल तक के बच्चों को खाना खिलाना वाकई बड़ी मेहनत का काम है। अगर आप ज़रा सी सूझबूझ से काम लें और एक्सपर्ट की सलाह पर अमल करें तो आपकी यह मुश्किल काफी हद तक आसान हो जाएगी। कोलकाता के बेलव्यू अस्पताल की डायटीशियन संगीता मिश्रा ने बताए हैं नन्हो के नखरों से निपटने के कुछ नायाब तरीके-

क्यों करते हैं नखरे? अक्सर छोटे बच्चे को शुरू-शुरू में हर चीज अटपटी सी लगती है। इसके लिए उन्हें जो फूड खिलाना हो, वह कई बार दिखाना सही रहता है। बच्चे अबोध होते हैं। इसलिए कई बार वे एक चीज खा लेते हैं और अगली बार उसी के लिए मना कर देते हैं। इसकी वजह चीज का बिल्कुल वही रूप न होना भी हो सकता है, जिस रूप में उसने पहले खाया था। जैसे पहली बार आपने उसे बिस्कुट का टुकड़ा दिखाया और अगली बार साबुत बिस्कुट दिखाया तो उसकी नापसंदगी की यह भी वजह हो सकती है। कई बार प्लेट के रंग या डिजाइन की वजह से भी वे खाने को नापसंद कर देते हैं।

ईटिंग हैबिट सुधारने के लिए परिवार के सभी लोग साथ बैठकर भोजन करें तो सब को खाता देख वह भी नकल करने के लिए रुचिपूर्वक मजे लेकर खाएगा। नन्हे बच्चों को दिन में तीन बार भोजन और 2-3 बार स्नैक्स देने की रुटीन बना लें। बच्चे थक जाते हैं तो खाना पसंद नहीं करते और तेज भूख लगने पर भी उनमें खाने की रूचि खत्म हो जाती है।

ज़रूरी बातें 0 बच्चे को दूध छोटी बोतल में दें। ज्यादा दूध से उसका पेट भर जाता है तो वह फूड नहीं खा पाता। 0 बच्चों को मीठे पेय या फलों का रस भी अधिक मात्रा में एक साथ न पिलाएं। 0 बच्चों को आसानी से पकड़े जाने वाले लम्बाई वाले फिंगर फूड अच्छे लगते हैं। इन्हें अपने हाथ से पकड़कर वे चूस य़ा खा सकते हैं। 0 बच्चा जब शांति से कुछ खा ले, तो उसकी प्रशंसा करनी चाहिए। 0 बच्चे को जब भूख लगी हो तो उसे कोई नई चीज खाने को दें। 0 जब बच्चे को खिलाएं, तब टीवी, गेम्स या खिलौनों से दूर रखें ताकि वह एकाग्रचित्त होकर खा सके। 0 बच्चा खाने से इनकार करने लगे तो जबरदस्ती न खिलाएं। 0 मारपीट कर खिलाने की कोशिश न करें। 0 खाना खाते-खाते बच्चा अपना मुंह घुमा ले तो समझ लें कि उसका पेट भर गया है।

बच्चों को ऐसे खिलाएं साग- सब्जियां 0 शुरू से ही फल और सब्जियां स्नैक्स के रूप में परोसें और साथ खुद भी बैठें। इन्हें रंग-बिरंगी बाउल्स में रखकर परोसें। 0 शुरू-शुरू में बच्चे को बहुत कम मात्रा में चीजें दें। 0 बच्चा जिस रूप में इन्हें खाए चाहे कस्टर्ड, फ्रूटखीर या वेजीटेबल रायता, सब्जी परांठा, उसी रूप में खिलाएं। फल -सब्जियां हर रूप में फायदेमंद होंगी। 0 जब भी आप सब्जी मंडी जाएं, तो अपने बच्चे को भी साथ ले जाएं। इतने सारे लोगों को उन्हें खरीदता देख, उसके मन में इनके प्रति रुझान बढ़ेगा। 0 घर में सलाद के लिए सब्जियां फ्रिज से निकालने, उन्हें काटने और प्लेट में सजाने के काम में बच्चों को भी शामिल करें। सब्जी पकाने का काम भी उनके सामने करें। इन चीजों से बच्चे के मन में सब्जियों के प्रति रुचि जगेगी।

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