जनसंख्या विस्फोट : नेताओं का चर्चा से कतराना दुर्भाग्यपूर्ण

नयी दिल्ली, 14 फरवरी (एजेंसी) उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने देश की बढ़ती आबादी पर चिंता जताते हुए शुक्रवार को कहा कि राजनीतिक दलों, नेताओं तथा सांसदों का इस बारे में चर्चा करने से बचना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राजनेता, राजनीतिक दल और सांसद देश में बढ़ती आबादी की समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जबकि इसके कारण खाद्य सुरक्षा समेत कई चुनौतियां उत्पन्न हो रही हैं। उपराष्ट्रपति ने भारतीय कृषि शोध संस्थान के 58वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक भूख सूचकांक की सूची में भारत का निम्न श्रेणी में होना चिंताजनक है। देश में तेजी से बढ़ती जनसंख्या का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘बढ़ती आबादी वाले भारत जैसे देश में, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कोई भी जनसंख्या की समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है। राजनीतिक दल मुंह छुपा रहे हैं, नेता भी मुंह छुपा रहे हैं, संसद में भी इस मुद्दे पर पर्याप्त चर्चा नहीं होती है।’ उन्होंने कहा, ‘आबादी की समस्या और कृषि उत्पादन बढ़ाना न सिर्फ हमारी खाद्य सुरक्षा बल्कि वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिये आवश्यक है। यदि आबादी इसी तरह से बढ़ती रही और आपने इसी हिसाब से उपज में वृद्धि नहीं की, आने वाले समय में समस्या उत्पन्न होगी।’ नायडू ने कहा, ‘देश का खाद्यान्न उत्पादन 2,833.7 लाख टन है और इस हिसाब से भारत अच्छी स्थिति में है। हालांकि भारत वैश्विक भूख सूचकांक में 102वें स्थान पर है, यह चिंता का विषय है।’

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