जनता को जानने का हक कि मोदी ने जासूसी क्यों करवाई : आनंद शर्मा

शिमला, 5 मई (ट्रिन्यू) केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने एक लड़की की जासूसी कराए जाने के मामले को लेकर विवादों में फंसे नरेंद्र मोदी पर आज ताजा हमला बोलते हुए कहा कि मोदी को इस मामले की सच्चाई जनता को बतानी चाहिए। आज यहां आयोजित अपने पत्रकार सम्मेलन में उन्होंने कह कि जनता यह जानना चाहती है कि उस लड़की की जासूसी कराए जाने के पीछे कया मकसद था। यह मामला अब सार्वजनिक हो चुका है इसलिए जनता को यह जानने का हक है कि जासूसी क्यों की गई थी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमें यह समझ नहीं आ रहा है कि नरेंद्र मोदी और उनके खासमखास अमित शाह इस मामले में चुप्पी क्यों साधे हुए हैं। उनमें इस मामले को लेकर दिखाई दे रही तिलमिलाहट की वजह भी समझ से बाहर है। मोदी क्योंकि भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं इसलिए अन्य आरोपों की तरह उन्हें खुद पर लगे इन गंभीर आरोपों पर भी सफाई देनी चाहिए। लेकिन हैरानी की बात है कि सफाई देना तो दूर वह यह भी बताने के लिए तैयार नहीं हैं कि यह जासूसी क्यों की गई। केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने एक सवाल के जवाब में आज इस बात को माना कि केंद्र की यूपीए सरकार समय रहते न तो अपनी उपलब्धियों को ही सही ढंग से प्रचारित कर पाई और न ही नरेंद्र मोदी के गुजरात मॉडल की वास्तविकता से ही जनता को अवगत करवा पाई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जहां तक गुजरात मॉडल की बात है इस मॉडल की सच्चाई को कांग्रेस ने लोगों के सामने रखा है। विकास के पथ पर आगे बढ़ रहे राज्यों में गुजरात छठे नंबर से दसवें नंबर पर आ गया है।  शिक्षा के क्षेत्र में भी गुजरात 17वें नंबर पर ही है। गुजरात एक ऐसा राज्य है जहां स्कूल छोडऩे वाले बच्चों की संख्या काफी ज्यादा है। इस राज्य के आधे बच्चे कुपोषण के शिकार हैं। गुजरात के विकास के दावे तो बहुत किए जा रहे हैं लेकिन यह वही राज्य है जहां प्रति व्यक्ति आय देश में सबसे कम है। यहां की प्रति व्यक्ति आय सिर्फ 2440 रुपए है। गुजरात पर मोदी सरकार के बनने के बाद कर्ज 45000 करोड़ रुपए से बढ़कर 1,76,000 करोड़ रुपए हो गया है। मोदी पर हमला बोलते हुए आनंद शर्मा ने कहा कि विधानसभा में मोदी ने आज तक कभी किसी सवाल का जवाब नहीं दिया। इतना ही नहीं उन्होंने बजट भाषण और राज्यपाल के अभिभाषण पर होने वाली चर्चाओं में भी कभी भाग नहीं लिया। गुजरात की यह परंपरा बन गई है कि विधानसभा सत्र आरंभ होते ही वहां विपक्ष को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया जाता है।  उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनाव में अपने प्रचार पर लगभग दस हजार करोड़ रुपए खर्च किए हैं। जनता यह जानना चाहती है कि यह पैसा किसका है।

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