छिछोरे : असफल लोगों की सफलता की कहानी

फिल्म समीक्षा शुक्रवार को जो फिल्म रिलीज हुई है, उसका नाम है छिछोरे। फिल्म का निर्देशन नितेश तिवारी ने किया है, जिन्होंने 2016 में आमिर खान को लेकर दंगल का निर्देशन किया था। फिल्म इंजीनियरिंग के छात्रों की कहानी है, जिसमें दिखाया जाता है कि मां-बाप के प्रेशर की वजह से बच्चों का क्या हाल होता है। इसके साथ ही फिल्म में असफल बच्चों की भी कहानी है। फिल्म में सफलता और विफलता को लेकर लंबे-चौड़े संवाद भी हैं। फिल्म में कॉलेज और हॉस्टल के जीवन को विस्तार से दिखाया गया है। फिल्म दर्शकों को नब्बे के दशक की याद दिला देती है। फिल्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कही पर भी अश्लीलता नहीं है। बात करें एक्टिंग की तो निर्देशक ने हर कलाकार को स्पेस दिया है, क्योंकि एक कॉलेज में किस्म-किस्म के छात्र रहते हैं। फिल्म में कई जगह सीन और पंच देखकर दर्शक भी रोमांचित हो जाएंगे। खुद नितेश भी इंजीनियरिंग के छात्र रहे हैं, इसलिए वह फिल्म को बखूबी पेश कर पाए हैं। सुशांत सिंह राजपूत की एक्टिंग सधी हुई, जबकि श्रद्धा को उस मुकाबले कम स्पेस मिला है। बाकी कलाकार भी अच्छे हैं। हालांकि अधेड़ उम्र वाले किरदार के रूप में कुछ कलाकार नकली भी लगते हैं। हालांकि छिछोरे नाम इस फिल्म को सूट नहीं करता है। बहरहाल फिल्म देखना बुरा सौदा नहीं कहा जाएगा।

-धर्मपाल

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