गांवों में किसी भी परिस्थिति के लिए मजबूत आधार

शिमला, 1 जुलाई (निस)

शिमला में बुधवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री ग्राम कौशल योजना के लाभार्थियों से बातचीत करते हुए। -दैनिक ट्रिब्यून

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज शिमला में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री ग्राम कौशल योजना के लाभार्थियों से बात करते हुए कहा कि 6 जनवरी को आरम्भ की गई यह योजना पारम्परिक हस्तकला, हस्तशिल्प, स्थानीय कलाकृतियों, लकड़ी व धातु शिल्प कलाओं को पुनर्जीवित करने के अतिरिक्त युवाओं को लाभप्रद रोजगार प्रदान करने के लिए है। जयराम ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान केवल ग्रामीण आर्थिकी ही अपने आप को बचा पाई है, जिससे इस तथ्य पर पहुंचा जा सकता है कि हमारे ग्रामीण क्षेत्रों में ही किसी भी प्रकार की परिस्थिति से निपटने के लिए मजबूत आधार उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि युवाओं को लाभान्वित करने के लिए ग्राम विकासोन्मुखी योजनाएं आरम्भ करने के प्रयास किए जाने चाहिए ताकि ग्रामीण युवाओं को रोजगार की तलाश में शहरों की ओर न जाना पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रशिक्षकों को 7500 रुपये तथा प्रशिक्षणार्थियों को तीन हजार रुपये प्रतिमाह प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण अवधि का समय तीन माह से एक वर्ष तक निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बैच में अधिकतम पांच प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण प्रदान करने की अनुमति प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रारम्भ में मुख्यमंत्री ग्राम कौशल योजना राज्य के चार जिलों के 18 खंडों में आरम्भ की गई है। उन्होंने कहा कि इस योजना के अन्तर्गत निर्धारित पाठ्यक्रम में काश्तकला, धातु शिल्प, मण्डी कलम, पत्थर शिल्प, बांस शिल्प, लकडी का शिल्प, चीड़ की पत्तियों के उत्पाद और मिट्टी के बर्तन बनाने का शिल्प आदि शामिल किए गए हैं।

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