गांवों के विकास में रोजगार

अनुपम कुमार

कोरोना काल में बहुत चीजें बदल गयी हैं। गांवों की ओर अनेक मेहनतकशों की वापसी ने कई चीजों पर सोचने को विवश किया है। ऐसे में सरकार का जोर भी अब ग्रामीण विकास पर है। गांवों के विकास के लिए नयी-नयी योजनाएं शुरू की गई हैं। ग्रामीणों तक संसाधन और सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि किसानों की आय दोगुनी करने में मदद मिले। इस दिशा में सरकारी स्तर पर हो रहे काम ने हाल के वर्षों में रोजगार की नयी संभावनाएं पैदा की हैं। जो युवा और उद्यमी ग्रामीण संस्कृति से लगाव रखते हैं उनके लिए पर्यटन उद्योग भी काम करने का अवसर दे रहा है। जरूरत है इस दिशा में सही प्रशिक्षण और प्रबंधन की। सही प्रशिक्षण और रुचि के बाद गांवों के विकास में रोजगार की कई संभावनाएं हैं। ये हैं कुछ खास संस्थान आईआरएम-जयपुर, आईआईएम-कोलकाता, आईआरएम-गुजरात, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, एनआईएमटी-गाजियाबाद, जेवियर इंस्टीट्यूट आॅफ मैनेजमेंट-भुवनेश्वर। अवसर कहां-कहां : भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के मुख्य साधन कृषि कार्य एवं पशुपालन है। रोजगार के लिए इसके अलावा भी कई अवसर हैं। जैसे अब बहुत सारे पर्यटक गांवों की संस्कृति, धार्मिक मत तथा विश्वास, खान-पान और जीवन शैली को देखना चाहते हैं। सरकारी और गैर सरकारी संस्थाएं किसान और मजदूरों को लेकर कई योजनाएं गांवों तक ले जा रही हैं। इनका प्रबंधन करने के लिए कुशल मैनेजरों की जरूरत है। ग्रामीण क्षेत्र की समस्याओं को जानने और उसका हल निकालने वाले युवाओं की जरूरत है। सरकारी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने वाले अधिकारी की विशेष तौर पर नियुक्ति हो रही है। ग्रामीण क्षेत्र में उत्पाद का प्रचार-प्रसार और बिक्री के लिए कंपनियां अलग से युवाओं को नियुक्त कर रही है। ग्रामीण विकास को लेकर शोध और सर्वे के लिए भी रिसर्चर की जरूरत पड़ रही है। महत्वपूर्ण कोर्स और योग्यता : जो छात्र या युवा ग्रामीण विकास प्रबंधन के क्षेत्र में रोजगार चाहते हैं उनके लिए कई कोर्स हैं। इसमें स्नातकोत्तर और स्नातक स्तर पर डिग्री और पीजी डिप्लोमा कोर्स हैं। पीजी डिप्लोमा में ग्रामीण विकास, प्रबंधन, मार्केटिंग और वित्त है। इसके अलावा पोस्ट ग्रेजुएशन स्तर पर एमबीए और आर्ट्स कोर्स भी हैं। इनमें एमफिल और पीचएचडी कोर्स भी कराए जाते हैं। टूरिज्म से जुड़े संस्थान रूरल पर्यटन को लेकर विशेष कोर्स करा रहे हैं। स्नातक स्तर पर दाखिले के लिए आमतौर पर 12वीं पास होना अनिवार्य है। बारहवीं के अंकों के आधार पर इनमें दाखिला दिया जाता है। पोस्ट ग्रेजुएशन और एमबीए कोर्स में दाखिले के लिए स्नातक की डिग्री होना अनिवार्य है। इसके बाद छात्रों को प्रवेश परीक्षा के जरिए दाखिला दिया जाता है। यह प्रवेश परीक्षा कैट और मैट के नाम से आयोजित किए जाते हैं।

सब से अधिक पढ़ी गई खबरें

मुख्य समाचार

101 रक्षा उपकरणों के आयात पर रोक, स्वदेशी को बढ़ावा

101 रक्षा उपकरणों के आयात पर रोक, स्वदेशी को बढ़ावा

आत्मनिर्भर भारत : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बड़ा ऐलान

कोरोना मामले 21 लाख के पार

कोरोना मामले 21 लाख के पार

एक दिन में रिकॉर्ड 64399 नये मरीज, 861 की मौत

शहर

View All