कोना देखकर लोग कहें वाह!

दीप्ति अंगरीश

त्योहारों का मौसम आ गया है। घर को सजाना है। काॅलोनी में दूसरे घरों से अलहदा दिखना है। इसके लिए आपने अपने मनमाफिक रंगों और सजावटी वस्तुओं से घर को सजा लिया। लेकिन यदि घर का कोना खाली है तो एक कसक रह जाती है। कुछ तो है जो नहीं है... इस नहीं को खत्म करने के लिए ज़रूरी है कि आप क्रिएटिव हो जाएं। ज़रा-सी आपकी क्रिएटिविटी और घर की खूबसूरती देख लोग कह उठेंगे- वाह भई वाह। इससे फर्क नहीं पड़ता कि आपका घर बड़ा है या छोटा। बस आपका मन बड़ा होना चाहिए। घर का हर कोना संवारने की सोच होनी चाहिए। घर के कॉर्नर्स को नजरअंदाज न करें, क्योंकि आपकी ज़रा-सी कोशिश से इन्हें फोकल प्वाइंट में बदला जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले प्लानिंग करें और फिर करें मनचाही सजावट। पहले तय कर लें कि घर के जिस कॉर्नर को आप सुंदर बनाना चाहती हैं, वह कितना बड़ा या छोटा है? उसके बाद आपके पास ढेरों ऑप्शन मौजूद रहते हैं। एंटरटेनमेंट, सिंपल डेकोर, स्टोरेज या फिर वर्कप्लेस के लिए। स्टोरेज के लिए केबिनेट्स बनाने होंगे, एंटरनेटमेंट के लिए टीवी या कंप्यूटर पैनल लगाना होगा, सिटिंग एरिया बनाने के लिए ईजी चेयर, कॉर्नर सोफे की ज़रूरत होगी। आजकल घरों में एक्वेरियम रखने का चलन तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है। अगर आप भी अपने घर में एक एक्वेरियम रखना चाहते हैं तो कॉर्नर एक्वेरियम को कमरे के कोने में रखा जा सकता है। किसी भी कोने वाले कैबिनेट के ऊपरी हिस्से या किसी सजावटी ढांचे को इस्तेमाल में लाकर यह एक्वेरियम बनाया जा सकता है। मार्केट सर्वे करके अपने बजट के हिसाब से फर्नीचर तय कर सकते हैं। जगह के हिसाब से ही प्लानिंग करें। कॉर्नर टेबल या अलग-अलग साइज की टेबल्स भी चुन सकते हैं। घर की कलर स्कीम्स, मूड्स, थीम और फर्नीचर के हिसाब से एक्सेसरीज चुनें। कॉर्नर्स के लिए स्टोरेज यूनिट्स, प्लांटर्स, सिंपल टेबल्स या केबिनेट्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर कॉर्नर की जगह कम है तो शेल्व्स को दीवार पर टांग सकते हैं और नीचे कॉर्नर टेबल या स्टडी टेबल रख सकते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

  • फ्लैट्स में कॉर्नर्स का उपयोग एंटरटेनमेंट पैनल के लिए भी होता है। मूविंग फर्नीचर्स से स्पेस बचता है और इसे सुविधानुसार खिसकाया जा सकता है। कॉर्नर शेल्फ या कई ड्रॉअर्स वाला टीवी स्टैंड रख सकते हैं। बजट और रुचि के अनुसार ऐसे पैनल्स चुनें और उन्हें जगह के हिसाब से फिट करें।
  • आप चाहें तो अपने कॉर्नर को ग्रीन एरिया में भी बदल सकते हैं। वॉटर एलीमेंट जोड़कर इसे फोकल प्वाइंट में बदल सकते हैं। कोई इंडोर प्लांट जैसे सिल्क ट्री लें। इसमें टि्वंकल लाइट्स लगाएं या फिर कॉर्नर वॉल के दोनों ओर इस तरह लाइटिंग करें कि प्लांट्स पर रोशनी पड़े। प्लांट के बेस को रंग-बिरंगे पत्थरों से कवर करें ताकि मिट्टी न दिखे। जगह ज्यादा है तो प्लांट स्टैंड रख सकते हैं। इसके अलावा कॉर्नर टेबल पर पानी से भरा पॉट रखें और उसमें गुलाब की पंखुडियां डालें। दीया या क्रिस्टल्स भी इस पॉट में रख सकते हैं। इन्हें वास्तु के अनुसार शुभ माना जाता है। बोनसाई भी अच्छा विकल्प है लेकिन तब, जबकि पास में विंडों होे। प्लांट्स को डेकोरेटिव कंटेनर्स, मेटल कास्टेड या सिरेमिक बॉल्स में हैंग भी कर सकते हैं।
  • सीढ़ियों के नीचे की जगह का इस्तेमाल करना है तो बड़े ब्रास लैंप्स रखें। हैंगिंग लाइट्स लगाएं। लाइट्स ऑन करने पर कमरे को ड्रामेटिक लुक मिलेगा। इसके अलावा वॉल पर ब्राइट, बोल्ड लाइटिंग भी अच्छी रहेगी। फ्लोकर लैंप या वासेज लेते समय कंजर्वेटिव कलर्स जैसे ब्लैक या ब्राउन कलर्स लें, ताकि बार-बार उन्हें बदलना न पड़े। सीढ़ियों के नीचे बुक केस बना सकते हैं। म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट्स रख सकते हैं।
  • फ्लोर स्पेस का भी समझदारी से उपयोग करें। चेयर के साइज पर जरूर ध्यान दें। साइड टेबल्स से जगह की बचत होती है। इनका इस्तेमाल आर्ट पीसेज, लैंप, फोन, फैमिली फोटो फ्रेम्स के लिए किया जा सकता है।
  • सुकून से बैठने के लिए भी घर का कोई कोना अच्छा ऑप्शन हो सकता है। इसके लिए एल-शेप सोफा लगा दें। खूबसूरत कुशंस का सेट रखें। वॉल पर छोटा सा रैक बना सकते हैं।
  • जगह के हिसाब से अपना पीसी, लैपटॉप और बुक्स रखें। सिंपल ट्रैंगुलर शेप वाला टेबल टॉप यहां रखें जिसकी हाइट वॉल के हिसाब से हो। कुछ न समझ आए तो एक सिंपल टेबल रखें। मिरर फ्रेम्स, फोटो फ्रेम्स या आर्ट ऑब्जेक्ट रख सकते हैं। सादगी का यह नायाब अंदाज़ सबको लुभाएगा।

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