कोई नहीं चाहता खालिस्तान : अमरेंद्र

चंडीगढ़, 29 जून (एजेंसी) पंजाब के मुख्यमंत्री अमरेंद्र सिंह ने सोमवार को जोर दिया कि कोई भी सिखों के लिए अलग राज्य नहीं चाहता है। इसके साथ ही उन्होंने अकाल तख्त जत्थेदार के हालिया बयान को खारिज कर दिया कि अगर सरकार खालिस्तान की पेशकश करती है तो सिख समुदाय उसे स्वीकार कर लेगा। सिंह यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान खालिस्तान के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए सिंह ने कहा, ‘देश में रहने वाले सिख खुशहाल जीवन जी रहे हैं। वे क्यों खालिस्तान चाहेंगे? कोई यह नहीं चाहता और मैं भी यह नहीं चाहता।’ उन्होंने कहा कि हर सिख हमेशा देश की एकता और अखंडता के लिए खड़ा रहा है। सिंह ने कहा, ‘क्या आप जानते हैं कि हमारे यहां कितने सिख सैनिक हैं? वे देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देते हैं। हम अपने देश के लिए लड़ते हैं और यह हमारा देश है।’ अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने 6 जून को कहा था, ‘अगर सरकार पेशकश करती है तो सिख समुदाय सिखों के  लिए एक अलग राज्य खालिस्तान को स्वीकार कर लेगा।’ उन्होंने ऑपरेशन ब्लूस्टार की 36वीं बरसी पर खालिस्तान का मुद्दा उठाया था।

स्मार्टफोन योजना के लिए चुनी गई कंपनी में  चीन की साझेदारी की होगी जांच अमरेंद्र सिंह ने कहा कि उनकी सरकार कांग्रेस के चुनावी वादे के तहत राज्य के युवाओं को स्मार्टफोन देने की योजना के लिए चुनी गई भारतीय कंपनी में चीन के शामिल होने की जांच करेगी। सिंह का बयान भारत-चीन तनाव के मद्देनजर भाजपा नीत केंद्र सरकार से पीएम केयर्स कोष में चीनी कंपनियों द्वारा दिए गए दान को लौटाने की मांग करने के बाद आया मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने स्मार्टफोन के वितरण के लिए भारतीय कंपनी को निविदा दी है। सिंह ने सवाल का जवाब देते हुए कहा, ‘हम यह जांच करेंगे कि इस कंपनी (भारतीय कंपनी जिसे स्मार्टफोन आपूर्ति का ठेका दिया गया) में किस सीमा तक चीनी कंपनी की भागीदारी है और उसके अनुरूप फैसला लेंगे।'

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