इमरान पर अवमानना वाली याचिका खारिज

इस्लामाबाद, 26 नवंबर (एजेंसी) पाकिस्तान की एक अदालत ने न्यायपालिका का मजाक उड़ाने को लेकर प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ अदालत की अवमानना कार्यवाही की मांग करने वाली एक याचिका मंगलवार को खारिज कर दी। इस्लामाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अतहर मिनाल्ला ने इससे पहले याचिका के सुनवाई योग्य होने या नहीं होने के विषय के बारे में शुरुआती दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीफ जस्टिस मिनाल्ला ने प्रधानमंत्री खान के खिलाफ दायर अवमानना कार्यवाही याचिका खारिज कर दी। यह याचिका अधिवक्ता सलीमुल्ला खान द्वारा सोमवार को दायर की गई थी। चीफ जस्टिस ने वादी से पूछा, ‘प्रधानमंत्री के भाषण से आपको क्या समस्या है?' याचिकाकर्ता ने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने न्यायपालिका का मजाक उड़ाया है।'

जस्टिस ने पूछा, 'क्या आप चाहते हैं कि प्रधानमंत्री को अयोग्य करार दिया जाए?' खान ने अपने भाषण में कहा कि देश की न्यायिक प्रणाली में रसूखदार और आम आदमी से किये जाने वाले व्यवहार में विसंगति है। जवाब में न्यायाधीश ने कहा, ‘रसूखदार लोगों के समर्थन के लिये हम पर तंज नहीं करिये क्योंकि हमारे समक्ष सभी लोग समान हैं।'

मुशर्रफ की याचिका विचारार्थ स्वीकार लाहौर (एजेंसी) : लाहौर हाईकोर्ट ने मंगलवार को पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ की याचिका विचारार्थ स्वीकार कर ली। मुशर्रफ ने अपनी याचिका में विशेष अदालत द्वारा देशद्रोह मामले में सुरक्षित रखे गए फैसले को बृहस्पतिवार को सुनाने पर रोक लगाने की मांग की है। ‘द डॉन न्यूज' ने खबर दी है कि हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सैयद मजहर अली अकबर नकवी ने इसकी आपत्तियों को हटा दिया और दुबई में रह रहे मुशर्रफ की याचिका को विचारार्थ स्वीकार कर लिया। न्यायालय ने 28 नवंबर तक जवाब भी मांगा है। इस्लामाबाद हाईकोर्ट में गृह मंत्रालय की तरफ से एक अलग याचिका दायर की गई है जिसमें मुशर्रफ के खिलाफ विशेष न्यायाधिकरण द्वारा देशद्रोह मामले में फैसले पर रोक लगाने की मांग की गई है। न्यायमूर्ति नकवी ने मुशर्रफ के वकील ख्वाजा अहमद को निर्देश दिया था कि याचिका सुनवाई योग्य है अथवा नहीं इस पर अपनी दलीलें दें।

सब से अधिक पढ़ी गई खबरें