इनसान से एक कदम आगे टेक्नोलॉजी

कुमार गौरव अजीतेन्दु

कैपजेमिनी रिसर्च इंस्टीट्यूट के ताजा सर्वे में खुलासा हुआ है कि ग्राहक इनसानों से ज्यादा चैटबॉट की सहायता लेना पसंद कर रहे हैं। खासतौर पर तब जब वे कोई प्रोडक्ट खरीदने के लिए रिसर्च कर रहे हों, नई सर्विस के बारे में समझना चाहते हों या प्रोडक्ट खरीदने के बाद कस्टमर केयर सर्विस की मदद लेना चाहते हों। इस सर्वे में 1200 ग्राहक और 1000 बिजनेस एग्जीक्यूटिव्स को शामिल किया गया था। सर्वे के अनुसार 70 प्रतिशत ग्राहकों का कहना था कि पिछले तीन साल में वॉयस असिस्टेंट फीचर का इस्तेमाल शुरू करने के बाद उन्होंने स्टोर और बैंक जाना लगभग बंद कर दिया है। डिजिटल असिस्टेंट की मांग बढ़ी कैपजेमिनी के हेड ऑफ कस्टमर इंगेजमेंट मार्क टेलर का कहना है कि रिसर्च में सामने आया है कि भविष्य में ग्राहक डिजिटल असिस्टेंट से बातचीत करना ही पसंद करेंगे। ग्राहक, कंपनी द्वारा दी जा रही इस सुविधा को बेहद पसंद भी कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ग्राहकों की प्राइवेसी और सिक्योरिटी का ख्याल रखना सबसे जरूरी है। पिछली रिसर्च में देखा गया कि ग्राहकों की सोच में काफी बदलाव आया है कि कैसे यह वॉयस असिस्टेंट सिस्टम उनकी प्राइवेसी और डेटा सिक्योरिटी को प्रभावित करेंगे। लगभग 76 प्रतिशत लोगों का कहना है कि वॉयस और चैट असिस्टेंट जैसे इनिशिएटिव की बदौलत उन्हें काफी जानकारियां मिली। जबकि 58 प्रतिशत लोगों का कहना था कि उन्हें हमेशा उम्मीद से ज्यादा जानकारी मिली। इस सुविधा के आने के बाद कस्टमर सर्विस पर होने वाले खर्चे में 20 प्रतिशत की कटौती हुई है। इसके अलावा डिजिटल असिस्टेंट की सहायता लेने वाले ग्राहकों की संख्या में 20 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। सोनी-यामाहा का ड्राइवरलेस व्हीकल मशहूर कंपनियों सोनी और यामाहा ने मिलकर ड्राइवरलेस व्हीकल का प्रोटोटाइप मॉडल तैयार किया है जो कि सवारी ढोने के अलावा विज्ञापन बोर्ड का भी काम करेगा। कंपनी ने इसे एससी-1 सोशबल व्हीकल नाम दिया है। इसे खासतौर पर लोगों के मनोरंजन के लिए तैयार किया है, साथ ही इसे थीम पार्क, गोल्फ कोर्स जैसी जगहों पर इस्तेमाल किया जाएगा। जापान में इसका इस्तेमाल मार्च 2020 तक शुरू हो जाएगा। इस ऑल इलेक्िट्रक व्हीकल में पांच लोगों के बैठने की क्षमता है। साथ ही यह 20 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने में सक्षम है। इसमें रिमूवेबल बैटरी और कई इमेज सेंसर का इस्तेमाल किया गया है। इस एससी-1 में यामाहा की ऑटोनोमस ड्राइविंग टेक्नोलॉजी और सोनी की एंटरटेनमेंट इमेजिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। इसमें कई अल्ट्रा हाई सेंसिटिव इमेज सेंसर और कैमरों का इस्तेमाल किया गया। इसकी मदद से यह आसपास की स्थिति को भांप कर सुरक्षित और सही निर्णय लेता है। इसमें लगे सेंसर और कैमरे केबिन में लगी हाई रेजोल्यूशन डिस्प्ले से कनेक्ट है। इसमें हेडलाइट्स नहीं होने के बावजूद इसके अंदर लगे डिस्प्ले में पैसेंजर्स को रात के समय का क्लीयर व्यू मिलता है। व्हीकल के अंदर 49 इंच का 4के डिस्प्ले जबकि बाहर 55 इंच का 4के डिस्प्ले लगा है। बाहर वाले डिस्प्ले में आसपास चल रहे लोग विज्ञापन देख सकेंगे। एआई तकनीक की मदद से उस जगह की जनसंख्या का पता लगाकर उनकी उम्र और जेंडर के आधार पर विज्ञापन दिखाएगा। एससी-1 में 2D लिडार सिस्टम और अल्ट्रासॉनिक सेंसर्स लगे हैं, जो डीप लर्निंग एनालिसिस के लिए ट्रेवल डेटा इकट्ठा करता है। सेफ्टी और सिक्योरिटी के लिए इसके चारों पहियों में हाइड्रॉलिक डिस्क ब्रेक्स भी लगाए गये हैं।

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