इंस्टेंट दीपक से रोशनी

चाइनीज लड़ियां कितना भी बाजार को अपनी गिरफ्त में ले लें , मगर दीपक बिना दीवाली रोशन नहीं हो पाती, कुछ सूनापन सा लगता है। समय के साथ-साथ व आधुनिकता की दौड़ में दीपक के रंग, रूप व डिज़ाइन व नामों में काफी बदलाव आया है। आज विभिन्न प्रकार के दीपकों में इंस्टेंट दीपक खूब पसंद किए जा रहे हैं। हालांकि दीपक तो वही मिट्टी का है लेकिन उसके रंग, रूप व डिज़ाइन पर आधुनिकता की परत चढ़ गयी है, जिससे ये मिट्टी के दीपक कम, शोपीस ज्यादा दिखने लगे हैं। आधुनिक दीपक मिट्टी के बने अलग-अलग आकारों कमल के फूल, स्वास्तिक, गणेश जी, मछली, हाथी व अन्य विविध आकारों के दीपक और उन पर उकेरी गयी विभिन्न रंगों से बनी कलात्मक डिजाइनों की छटा देखते ही बनती है। ये कलात्मक दीपक प्रकाश फैलाने के साथ-साथ रंगोली का काम बखूबी कर रहे हैं। घर की देहरी हो या ड्राइंगरूम का कोई कोना, डाइनिंग टेबल हो या पूजा घर, कहीं भी इन सजावटी दीपकों को किसी भी थीम में बनाकर रखिए और फिर देखिए इनसे कैसे फैलती है प्रकाश की छटा। अब आए इंस्टेंट दीपक आकर्षक रंगों व डिजाइनों से सजे इन मिट्टी के दीपकों में तेल की जगह जैल व वैक्स के अलावा उसमें बाती भी रहती है। अगर यूं कहें कि कल की मोमबत्ती आज इंस्टेंट दीपक बन गयी हैं तो गलत  नहीं है। एक अच्छा उपहार कलात्मक, डिजाइनर व आकर्षक रंगों से सजे इंस्टेंट दीपक उपहार स्वरूप भी खूब प्रयोग किए जा रहे हैं। लोग इन दीपकों से अपने घर को तो रोशन कर ही रहे हैं, साथ ही अपने सगे-संबंधियों व मित्रों के घर-आंगन को दीयों की रोशनी से भर रहे हैं। इसके अलावा ये दीये उपहार में लेने-देने से लोग खुद अपनी पुरानी मान्यताओं से जुड़ रहे हैं और दूसरों को भी जोड़ कर शुद्ध व पवित्र माने गये मिट्टी के दीपकों का चलन बढ़ा रहे हैं।

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