आईपीएस अफसर राजीव कुमार को सुप्रीमकोर्ट का नोटिस

नयी दिल्ली, 29 नवंबर (एजेंसी) सुप्रीमकोर्ट ने शारदा चिटफंड घोटाले में आईपीएस अधिकारी राजीव कुमार की अंतरिम जमानत को चुनौती देने वाली सीबीआई की अपील पर शुक्रवार को उन्हें नोटिस जारी किया। चीफ जस्टिस एसए बोबडे के नेतृत्व वाली पीठ ने नोटिस जारी करते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि आपको हमें संतुष्ट करना होगा कि शारदा चिट फंड मामले में सीबीआई को राजीव कुमार की हिरासत देना क्यों जरूरी है। मेहता ने पीठ से कहा कि राजीव कुमार कुछ समय से फरार थे और उन्होंने जांच के दौरान एकत्रित सामग्री को दबा दिया था। इस पीठ में जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत भी शामिल हैं। केन्द्रीय जांच ब्यूरो ने करोड़ों रुपए के शारदा चिट फंड घोटाले के सिलसिले में राजीव कुमार को अग्रिम जमानत देने के फैसले के खिलाफ एक अक्तूबर को सुप्रीमकोर्ट में याचिका दायर की थी। शारदा समूह पर जनता को करीब 2,500 करोड़ रुपए का चूना लगाने का आरोप है। आरोप है कि शारदा समूह ने जनता को उसके यहां निवेश करने पर बेहतर दर पर धन वापसी का आश्वासन दिया था। पश्चिम बंगाल सरकार ने इस घोटाले की जांच के लिये विशेष जांच दल का गठित किया था, राजीव कुमार इसका हिस्सा थे। बाद में शीर्ष अदालत ने 2014 में चिटफंड के अन्य मामलों के साथ इसकी जांच भी सीबीआई को सौंप दी थी। शीर्ष अदालत ने राजीव कुमार को सीबीआई के समक्ष पेश होने और जांच में पूरी तरह सहयोग करने का निर्देश दिया था। बाद में सीबीआई ने शिलांग में राजीव कुमार से पूछताछ की थी। फिर राजीव कुमार को समन भेजा पर वह पेश नहीं हुये। बाद में कलकत्ता हाईकोर्ट ने उन्हें अग्रिम जमानत दे दी थी।

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