अयोध्या सुन्नी वक्फ बोर्ड की बैठक आज

लखनऊ, 25 नवंबर (एजेंसी) राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में प्रमुख मुस्लिम पक्षकार रहे उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की मंगलवार को होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में अयोध्या मसले पर सुप्रीमकोर्ट के हालिया फैसले के अनुपालन पर विस्तृत चर्चा होगी। बोर्ड के अध्यक्ष जुफर फारूकी ने सोमवार को बताया कि बोर्ड की बैठक में अन्य सामान्य कार्यों के अलावा अयोध्या मामले पर सुप्रीमकोर्ट के फैसले का अनुपालन कैसे किया जाए, इस पर भी चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि बैठक में इस बात पर विचार-विमर्श होगा कि सुप्रीमकोर्ट के निर्णय पर पुनर्विचार याचिका दाखिल की जाए या नहीं और मस्जिद के बदले जमीन देने के अदालत के आदेश पर क्या कदम उठाया जाए। हालांकि खुद फारूकी पुनर्विचार याचिका दाखिल करने से यह कहते हुए पहले ही मना कर चुके हैं कि वह बोर्ड के फैसले खुद ही लेने को स्वतंत्र हैं। मगर यदि बोर्ड के किसी सदस्य को इस पर ऐतराज है तो वह 26 नवम्बर की बैठक में अपनी बात रख सकता है। फारूकी ने स्पष्ट किया कि बैठक के बाद कोई प्रेस कांफ्रेंस नहीं होगी। मीडिया को विज्ञप्ति के जरिये जानकारी दी जाएगी। मालूम हो कि अयोध्‍या मामले में गत 9 नवंबर को सुप्रीमकोर्ट ने दिए गए निर्णय में विवादित स्‍थल पर राम मंदिर का निर्माण कराने और मुसलमानों को मस्जिद बनाने के लिए अयोध्‍या में किसी प्रमुख स्‍थान पर जमीन देने का आदेश दिया था। सुन्‍नी वक्‍फ बोर्ड के अध्‍यक्ष फारूकी उसी दिन से कह रहे हैं कि बोर्ड न्यायालय के निर्णय के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं करेगा। अयोध्‍या मामले में मुस्लिम पक्ष का संरक्षण कर रहे ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने गत 17 नवंबर को अपनी वर्किंग कमेटी की आपात बैठक में कोर्ट के निर्णय के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल करने और मस्जिद के बदले कहीं भी जमीन न लेने का फैसला करते हुए उम्‍मीद जाहिर की थी कि सुन्‍नी वक्‍फ बोर्ड भी उसके फैसले का सम्‍मान करेगा मगर, फारूकी ने तब भी कहा था कि वह याचिका न दाखिल करने के अपने फैसले पर कायम हैं। भागवत को बनाएं ट्रस्ट का अध्यक्ष भदोही (एजेंसी) : राम जन्म भूमि न्यास के वरिष्ठ पदाधिकारियों पर गम्भीर आरोप लगाने वाले महंत परमहंस महाराज ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिये बनने वाले ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाने की वकालत की है। तपस्वी जी की छावनी के महंत परमहंस महाराज ने सोमवार को आरोप लगाया कि राम जन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास और पूर्व सांसद राम विलास वेदांती की सोच बहुत छोटी है और इन दोनों ने बहुत बड़ा घोटाला किया है। लिहाजा सरकार संघ प्रमुख मोहन भागवत को मंदिर निर्माण के बनने वाले ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाये। भदोही के सीतामढ़ी स्थित सीता समाहित स्थल पहुंचे संत परमहंस ने संवाददाताओं से कहा कि यह पदेन व्यवस्था होनी चाहिये ताकि जो भी व्यक्ति संघ प्रमुख बने, वह स्वत: ही ट्रस्ट का अध्यक्ष बन जाए और संघ परिवार को ही मंदिर निर्माण की जिम्मेदारी भी सौंप दी जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सुप्रीमकोर्ट द्वारा मंदिर निर्माण के लिये ट्रस्ट बनाये जाने का सरकार को आदेश के बाद महंत नृत्य गोपाल दास ने पद के लालच में अपने ट्रस्ट के जरिये मंदिर निर्माण की बात की। दूसरी ओर, पूर्व सांसद राम विलास विलास वेदांती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाने का यह कहते हुए विरोध किया कि नाथ सम्प्रदाय मंदिर निर्माण नहीं कर सकता।

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