अयोध्या मामले पर पुनर्विचार याचिका दायर नहीं करें

नयी दिल्ली, 21 नवंबर (एजेंसी) ऑल इंडिया यूनाइटेड मुस्लिम मोर्चे ने अयोध्या मामले पर पुनर्विचार याचिका दायर करने के मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के फैसले की आलोचना की है। मुस्लिम मोर्चे ने बृहस्पतिवार को कहा कि बोर्ड की बातों में विरोधाभास है और इस मुद्दे पर काफी सांप्रदायिक राजनीति हुई, लिहाजा इसे खत्म कर देना चाहिए ताकि राजनीतिक पार्टियां आम लोगों से जुड़े मुद्दे उठाएं। मोर्चे के राष्ट्रीय प्रवक्ता हाफिज़ गुलाम सरवर ने यहां एक पत्रकार वार्ता में कहा कि सुप्रीमकोर्ट ने तमाम परिस्थितियों को देखकर यह निर्णय सुनाया है और इसे हम सबको स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि फैसला आने से पहले तमाम संगठनों ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि सुप्रीमकोर्ट का जो भी फैसला होगा, उसे माना जाएगा तो अब अगर-मगर क्यों किया जा रहा है। इस मुद्दे का हल होने पर राजनीति आम आदमी से जुड़े मुद्दों पर होगी। अकेला फैसला लेने के लिये अधिकृत : सुन्नी वक्फ बोर्ड अध्यक्ष लखनऊ (एजेंसी) : अयोध्या मामले में सुप्रीमकोर्ट के हाल के निर्णय पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करने को लेकर उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में मतभेद की खबरों के बीच बोर्ड के अध्यक्ष जुफर फारुकी का कहना है कि वह बोर्ड की तरफ से अकेले निर्णय लेने के लिए अधिकृत हैं और अगर किसी सदस्य को एतराज है तो वह 26 नवंबर को होने वाली बैठक में उसे पेश कर सकता है। मामले के प्रमुख मुस्लिम पक्षकार सुन्‍नी वक्‍फ बोर्ड के अध्‍यक्ष फारूकी उसी दिन से कह रहे हैं कि बोर्ड सुप्रीमकोर्ट के निर्णय के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं करेगा। इस बीच, देश में शिया मुसलमानों के प्रमुख संगठन ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा है कि वह पुनर्विचार याचिका दाखिल करने और बाबरी मस्जिद के बदले कहीं और जमीन न लेने के अाल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लाॅ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के निर्णय का समर्थन करता है।

सब से अधिक पढ़ी गई खबरें

शहर

View All